गैंगस्टर संदीप गाड़ौली का एनकाउंटर करने के बाद से ही गुड़गांव व मुंबई पुलिस आमने-सामने हैं। गुड़गांव पुलिस ने अपने बचाव में सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में इस तरह से दलील रखी जिससे गैंगस्टर के परिजन और मुंबई पुलिस परेशानी में आ गए।
गुड़गांव पुलिस ने अपने को पाक साफ साबित करने के लिए अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी तक को कोर्ट में अपनी पैरवी के लिए खड़ा किया, लेकिन कोई भी पैंतरेबाजी काम नहीं आई।
आखिरकार पांच माह बाद गुड़गांव पुलिस के एसआई प्रद्युम्न को गिरफ्तार किया गया। वहीं गैंगस्टर की बहन का कहना है कि दिव्या पाहूजा सहित अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही संदीप का अंतिम संस्कार होगा।
एसआईटी से जांच करने के लिए कहा गया
संदीप गाड़ौली
मुंबई में 7 फरवरी को संदीप गाड़ौली के एनकाउंटर के बाद मुंबई पुलिस को यह बात नागवार लगी कि उसके इलाके में आकर हरियाणा पुलिस ने बिना सूचना दिए कार्रवाई की।
साथ मुंबई हाईकोर्ट के आदेश पर हत्या का मामला दर्ज करने के गुड़गांव पुलिस ने इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। सुप्रीम कोर्ट ने उस आदेश को खारिज कर दिया। इसके बाद भी मामला थमा नहीं।
मुंबई हाईकोर्ट में मामले की दोबारा सुनवाई हुई। एसआईटी से जांच करने के लिए कहा गया। एसआईटी ने पूरे मामले की जांच कर एनकाउंटर को फर्जी करार दिया और एसआई प्रद्युम्न समेत पांच पुलिसकर्मियों, गाड़ौली की प्रेमिका दिव्या पाहुजा, उसकी मां सोनिया पाहुजा और गैंगस्टर बिंदर गुर्जर के भाई मनोज गुर्जर को हत्या का आरोपी बनाया।
गुड़गांव पुलिस के हौसले अब भी बुलंद
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जब गिरफ्तारी की तलवार लटकने लगी तो गुड़गांव पुलिस ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की शरण ली कि उसे गिरफ्तार न किया जाए। साथ ही जांच हरियाणा में लाने के लिए भी आग्रह किया।
कोर्ट ने मुंबई पुलिस द्वारा गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। मुंबई पुलिस व गैंगस्टर के परिजनों ने कोर्ट में स्टे ऑर्डर को खारिज करवाया। अब गुड़गांव पुलिस को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने की उम्मीद है। अगली सुनवाई 13 जुलाई को है।
मुंबई पुलिस की ओर से एसआई प्रद्युम्न के गिरफ्तार होने के बाद भी गुड़गांव पुलिस के हौसले में कमी नहीं आई है। पुलिस की मानें तो उन्होंने अपने क्षेत्र के मोस्ट वांटेड अपराधी का पीछा किया। होटल में हुई मुठभेड़ में वह मारा गया। पुलिस को पूरी उम्मीद है कि जांच में सब कुछ साफ हो जाएगा।