परिवहन विभाग में कानपुर केयुवक ने फर्जी कागजात के आधार पर नौकरी प्राप्त कर ली। शिकायत मिलने पर शासन ने विभागीय और विजिलेंस जांच कराई। दोनों में डाक्यूमेंट फर्जी होने के आरोप सही पाए गए। आरोपी पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
आरटीओ मयंक ज्योति ने बताया कि 2010 में परिवहन विभाग में चालकों की भर्ती निकली थीं। इसमें कानपुर के यशोदानगर निवासी राहुल ने चालक के लिए आवेदन किया था। उसका चयन इस पद पर कर लिया गया।
मौजूदा समय में वह नोएडा में प्रवर्तन विभाग में तैनात है। राहुल पर शैक्षिक और चालक प्रशिक्षण में फर्जीवाड़ा करने का आरोप 2013 में ंलगाया गया। शिकायत के बाद हुई विजिीलेंस जांच में उसके डाक्यूमेंट के फर्जी होने की पुष्टि हुई।
इसके बाद विभागीय जांच कराने का निर्णय लिया गया। जांच अधिकारी रहे आरटीओ ने बताया कि उसके शैक्षिक कागजात की संबंधित बोर्ड और विद्यालय से पुष्टि नहीं हो पाई।
फर्जी कागजात पर नौकरी पाने के आरोप जांच में सही मिले। इसकेबाद आरोपी के खिलाफ कार्रवाई के लिए परिवहन आयुक्त से अनुमति मांगी गई है।