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पुलिस वेरिफिकेशन रिपोर्ट पर नौंवी पास को बना दिया बाबू

Mon, 15 Sep 2014 11:35 PM IST
अमर उजाला, गाजियाबाद
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नगर निगम में कर्मचारियों को भले ही पात्रता के बावजूद पदोन्नति पाने में एडी-चोटी का जोर लगाना पड़ जाए, लेकिन अफसरों का हाथ सिर पर हो तो बिना पात्रता के भी प्रमोशन पाया जा सकता है।
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निगम अधिकारियों ने महज नौंवी पास चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को पदोन्नति देकर टैक्स विभाग का बाबू बना दिया। उसका यह प्रमोशन उसकी फाइल में लगी पुलिस रिपोर्ट के आधार पर कर दिया गया।

पदोन्नति के बाद कर्मचारी से हाईस्कूल की मार्कशीट मांगी गई तो उसने खुद ही स्वीकार कर लिया कि वह महज नौंवी पास है। इसके बाद हरकत में आए अधिकारियों ने पदोन्नति निरस्त कर दी।
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निगम में हाल ही में डिपार्टमेंटल प्रमोशन कमेटी (डीपीसी) ने कर्मचारियों की पदोन्नति की है। इसमें महज नौंवी पास चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी धर्मवीर को भी पदोन्नति दे दी गई है।

धर्मवीर फिलहाल विजय नगर जोन में तैनात है। उसे टैक्स विभाग में लिपिक बनाया गया है। मामला तब खुला जब पदोन्नति के बाद धर्मवीर से उसके शैक्षिक प्रमाण पत्र मांगे गए।
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धर्मवीर ने अधिकारियों को बताया कि उसके पास हाईस्कूल की मार्कशीट नहीं हैं। बिना पात्रता के पदोन्नति का यह प्रकरण निगम में चर्चा का विषय बना हुआ है।

अपर नगर आयुक्त डीके सिन्हा का कहना है कि कर्मचारी की फाइल में लगी पुलिस वेरिफिकेशन रिपोर्ट में लिखा है कि वह हाईस्कूल पास है।

इसके और वरिष्ठता के आधार पर उसकी पदोन्नति की गई थी। पदोन्नति के बाद 90 दिन के भीतर संबंधित कर्मचारी से शैक्षिक व अन्य दस्तावेज मांगे जाते हैं।

दस्तावेज न मिलने पर पदोन्नति निरस्त कर दी जाती है। इस मामले में भी हाईस्कूल के प्रमाण पत्र न मिलने पर पदोन्नति निरस्त कर दी गई है।
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