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‘शांत बैठो... वरना फिर से करेंगे वही वाला हाल’

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आरटीआई कार्यकर्ता चंद्रमोहन की रहस्यमय हालात में हुई मौत से पर्दा अभी तक उठा नहीं है। इस बीच एक और आरटीआई कार्यकर्ता अनूप सिंह को दूसरी बार धमकाया गया है।
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दनकौर निवासी अनूप सिंह को बुधवार को बाइक सवार लोगों ने धमकाया कि अगर वह शांत नहीं बैठा तो उसे पहले की तरह सबक सिखाया जाएगा।

यही नहीं जब अनूप ने इसका विरोध किया तो बदमाशों ने उसे ऐसी चेतावनी दी जिससे उसका परिवार भी अब बेहद चिंता में है।

बदमाशों ने ऐसे किया हमला

ग्रेनो के सक्का गांव के रहने वाले अनूप ने आरोप लगाया है कि गांव जाते समय बाइक पर सवार तीन नकाबपोश युवकों ने उसे खींचकर गिराने का प्रयास किया और धमकाया।

उन्होंने कहा कि वह ऐसे ही मान जाएगा या फिर पुरानी घटना को दोहराना पड़ेगा। युवकों ने कहा कि पहले तो वह बच गया, लेकिन अबकी बार जीवित नहीं रह पाएगा और उसे भी ग्रेनो के आरटीआई कार्यकर्ता की तरह अंजाम भुगतना पड़ेगा।

अनूप ने दनकौर कोतवाली में शिकायत की है। एसपी बृजेश कुमार सिंह का कहना है कि अभी इसकी जानकारी नहीं है, लेकिन अगर ऐसी घटना हुई है तो इसे गंभीरता से लेकर आरोपियों पर कार्रवाई की जाएगी।

मृत समझकर फेंक दिया था

अनूप ने यमुना प्राधिकरण के एक ठेकेदार के खिलाफ आरटीआई लगाई थी। ठेकेदार गांव में विकास कार्य करवा रहा था। आरटीआई में काम की गुणवत्ता की जानकारी मांगी गई थी।

जिसके बाद पिछले साल 13 दिसंबर को अनूप का अपहरण कर लिया गया। चार दिन तक उन्हें अमानवीय यातनाएं दी गईं और फिर बुलंदशहर के जहांगीरपुर में आरोपियों ने अनूप को मृत समझकर फेंक दिया था।

इस घटना में अनूप बाल-बाल बच गए थे। अनूप अभी तक उन यातनाओं से उबर नहीं पाए हैं।
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फिर सामने आया चंद्रमोहन का नाम

अनूप को धमकाने वाले नकाबपोशों ने अपनी धमकी में ग्रेनो के आरटीआई एक्टिविस्ट चंद्रमोहन का भी नाम जोड़ा है।

गौरतलब है कि बीते बृहस्पतिवार की रात को चंद्रमोहन की कार में आग लग गई थी। इस घटना में चंद्रमोहन की मौत हो गई थी, लेकिन उनके परिजनों ने आरोप लगाया था कि यह हादसा नहीं है, बल्कि हत्या है।
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