एक मस्जिद के इमाम के भाई की पत्नी के साथ पड़ोसी द्वारा रेप किए जाने का मामला तूल पकडता जा रहा है। राजनीतिक दबाव के चलते करीब एक माह बाद भी रिपोर्ट दर्ज न किए जाने से लोगों में रोष है।
पीडिता का कहना है कि अगर जल्दी ही आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार नहीं किया गया तो वह आत्महत्या कर लेंगी। एक मस्जिद के इमाम के छोटे भाई की पत्नी के साथ 16 मार्च को पड़ौस में ही रहने वाले एक व्यक्ति ने चाकू से धमकाते हुए रेप किया था।
उस समय उसका पति किसी काम से दिल्ली और जेठ जो मस्जिद का इमाम है वह तबलीगी जमात में गया हुआ था। पीड़ित महिला ने दूसरे दिन पति के दिल्ली से आने के बाद घटना बताई। बाद में इस मामले में गांव में एक पंचायत हुई।
पंचायत के लोगों का कहना है कि आरोपी नसीम ने पंचायत के सामने अपना जुर्म कुबूल कर लिया था। लेकिन पंचायत के फैसले को मानने से इंकार कर दिया।
गांव के पूर्व सरंपच नुसरत खान और हाजी कमरूदीन ने बताया कि इस मामले की शिकायत नूंह के महिला थाने में की गई। लेकिन पुलिस ने राजनीतिक दबाव के चलते मामले को लटकाए रखा।
समाज सेवी डॉ. रफीक अहमद का कहना है कि पुलिस आरोपियों का साथ दे रही है। पीड़िता का कहना है कि पुलिस आरोपियों के साथ मिली हुई है। पीड़िता का कहना है कि अगर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया तो वह आत्महत्या करने को मजबूर होंगी।
से मामले में आगे कार्रवाही करने पर जाने से मारने की धमकी दे रहे हैं। उसका कहना है कि आरोपी तो यहो तक कहा रहे है कि पुलिस उसके नूंह की महिला थाना प्रभारी राजकला का कहना है कि उन्होंने दो दिन पहले ही थाने का चार्ज संभाला है। इस मामले की जांच की जा रही है।