लूट के विरोध पर गरीब रथ ट्रेन से साहिबाबाद में एक बैंक कर्मी को नीचे फेंकने की घटना के बाद बदमाशों ने फिर इसी तरह एक वारदात को अंजाम दिया।
नई दिल्ली से गया (बिहार) जा रहे सिक्योरिटी गार्ड अजीत सिंह (45) को बदमाशों ने लूट के बाद साहिबाबाद के पास ट्रेन से नीचे फेंक दिया। इलाज न मिलने से उनकी मौत हो गई।
सुबह छह बजे एक राहगीर की सूचना पर लिंक रोड पुलिस ने शव बरामद कर पोस्टमार्टम कराया। पुलिस लूट से इंकार कर गार्ड की मौत पैर फिसलने से होने का दावा कर रही है।
मृतक गार्ड इकलौती बेटी की शादी के लिए लड़का देखने जा रहे थे। एक दिन पहले लुटेरों ने इसी जगह बैंक कर्मी गुंजन श्रीवास्तव को गरीब रथ ट्रेन से फेंक दिया था।
मृतक अजीत की जेब से मिले नई दिल्ली से गया (बिहार) तक ट्रेन के जनरल टिकट और दो एटीएम कार्ड की मदद से पुलिस ने शिनाख्त की।
सूचना पर पहुंचे मृतक के चचेरे भाई रंजीत सिंह ने बताया कि गांव रकसिया निवासी अजीत ‘24 सिक्योरिटी सर्विस’ में हेडगार्ड थे और दिल्ली के मयूर विहार फेज-1 में तैनात थे।
फिलहाल नोएडा के सेक्टर-15 में रहते थे। अजीत कि पिता बिहार पुलिस में सब-इंस्पेक्टर पद से रिटायर हैं। परिजनों ने अजीत की बेटी की शादी के लिए लड़का देखा था, सोमवार को अजीत को उसे देखने वाले थे।
शनिवार रात पुरुषोत्तम एक्सप्रेस से वह साढ़े 10 बजे नई दिल्ली से गया के लिए चले थे। सुबह उनका शव साहिबाबाद गांव के पास से बरामद हुआ है।
परिजनों का कहना है कि उनकी जेब से न तो मोबाइल मिला और न पैसा। उनका कहना है कि लूट के बाद उन्हें ट्रेन से फेंका गया है।
उधर, एसएचओ लिंक रोड राशिद अली ने बताया कि शुुरूआती जांच में लग रहा है कि मौत ट्रेन से गिरने से हुई है। मामले की जांच की जा रही है।