दबंगों के चंगुल में फंसी बेटी को आजाद कराने के लिए एक दंपत्ति पिछले महीने भर से सूरजपुर कोतवाली का चक्कर काट रहा है लेकिन अरोपियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे परिजनों को थाने में तिरस्कार के अलावा कुछ नही मिलता।
अपहरण के मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद भी दबंगों पर पुलिस कार्रवाई नहीं कर पा रही है। बेबस पिता ने शनिवार को सूरजपुर इंस्पेक्टर से एक बार बेटी से मिलवा देने की गुहार लगाई।
तिलपता गांव निवासी एक पिता ने बताया कि उनकी बेटी (20 वर्ष) 29 फरवरी को सुबह 11 बजे घर से कंप्यूटर कोचिंग करने के लिए दादरी गई थी। देर शाम तक वह वापस नही लौटी तो उन्होंने कस्बे में काफी छानबीन किया लेकिन वह नहीं मिली।
काफी पता करने के बाद किसी जानने वाले ने उन्हें बताया कि उनकी बेटी को गांव का ही एक युवक बहला फुसलाकर ले गया है। बेटी का पता लगाने के लिए पीड़ित पिता ने युवक के घर जाकर पूछताछ की लेकिन दबंगों ने उसे घर से धक्के देकर भगा दिया।
बेटी के बारे में कुछ भी पता नही चलने पर पीड़ित पिता ने 02 मार्च को सूरजपुर कोतवाली में आरोपियों के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया।
पीएम को लिख चुके हैं पत्र
यूपी पुलिस
- फोटो : ANI
उसके बाद से अभी तक पुलिस ने मामले में कोई कार्रवाई नही की है। पीड़ित पिता ने बताया कि आरोपी पक्ष राजनैतिक रूप से मजबूत है। वह आए दिन पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी देते है।
बेटी को बदमाशों के चंगुल से छुड़ाने के लिए जब भी वह पुलिस के पास अपनी शिकायत लेकर जाता है, पुलिस उन्हें थाने से भगा देती है।
पीड़ित परिजनों ने बताया कि मामले की शिकायत प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के आलावा डीजीपी, डीआईजी, आईजी और एसएसपी से भी कर चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नही हुई है। बेटी से मिलाने के लिए कहीं भी सुनवाई नहीं हो रही है।
संबंधित कोतवाली प्रभारी से मामले की जानकारी मांगी गई है। घटना की जांच करते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।-अभिषेक यादव, एसपी देहात