वाहन चोरी की घटनाओं को लेकर नोएडा पुलिस कितनी सतर्क है इसका अंदाजा चार दिन पहले चोरी हुई फॉर्च्युनर कार केमामले से लगाया जा सकता है। चोरी के बाद भी ये कार 14 घंटे तक नोएडा की सड़कों पर दौड़ती रही। कई जगह लोगों ने कार देखी। एक जगह कार सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हुई है। जाहिर है कि कार चोरी की सूचना को गंभीरता से लेकर पुलिस थोड़ी भी सतर्क होती तो गाड़ी कुछ घंटे में ही बरामद हो सकती थी।
फार्च्युनर कार चोरी की ये वारदात 12 जून की सुबह सेक्टर-33 स्थित रॉयल जिम के बाहर से हुई थी। सर्फाबाद निवासी सुंदर यादव का बेटा विवेक उस वक्त कार लेकर जिम गया था। सुबह करीब साढ़े आठ बजे कार जिम के बाहर न दिखने पर विवेक ने तत्काल 100 नंबर पर पुलिस को सूचित कर दिया। तीन बार 100 नंबर पर फोन करने के बाद थाना सेक्टर-20 पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने औपचारिकता पूरी करने के लिए आसपास कार की तलाश की और न मिलने पर उसकी चोरी की रिपोर्ट दर्ज कर ली।
मामले में सुंदर यादव ने बताया कि कार उनके भांजे रविन्दर यादव के नाम से पंजीकृत है। चोरी की वारदात के अगले दिन उनके बेटे ने कार की फोटो के साथ उसके चोरी होने की सूचना फेसबुक पर पोस्ट की थी। इसके बाद कई लोगों ने बताया कि 12 जून को ही उन्होंने उनकी कार देखी है। सुंदर यादव के मुताबिक सुबह 8:40 बजे कार सेक्टर-59 स्थित यू-फ्लैक्स के पास देखी गई। उसी दिन शाम 5:12 बजे कार सेक्टर-122 में एक सीसीटीवी कैमरे में दिखी है। रात 10 बजे इस कार को सेक्टर-122 स्थित आम्रपाली जोडिएक के पास देखा गया था। साफ है कि अगर पुलिस कार चोरी की सूचना पर थोड़ी भी अलर्ट होती तो उसे कुछ घंटे में ही बरामद किया जा सकता था।
यूनिक नंबर है कार की पहचान
सुंदर यादव ने बताया कि फार्च्युनर का नंबर यूपी 14 बीएस 0001 है। यूनिक नंबर होने के कारण लोग दूर से ही कार को पहचान लेते हैं। कार के अगले शीशे पर लाल रंग का 1 नंबर का स्टीकर लगा है। कार में तीन एलॉय व्हील एक तरह के हैं, जबकि चौथा अलग है।
अगले दिन जिम के पास मिली अटैची
सुंदर यादव ने बताया कि कार में एक अटैची रखी थी। उसमें बैंक की चेकबुक, दो हथियारों के लाइसेंस, रजिस्ट्री के पेपर, कार की दूसरी चाबी और कुछ नकदी रखी थी। कार चोरी होने के अगले दिन फटी हुई अटैची जिम के पास पड़ी मिली। उसमें से पैसे और कार की चाबी निकाल ली गई है, बाकी सभी दस्तावेज अटैची में मिल गए हैं।