गोवध और पशु क्रूरता अधिनियम में आरोपी इकलाख के परिजन सोमवार सुबह वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौतमबुद्धनगर धर्मेंद्र सिंह से उनके कार्यालय में जाकर मिले।
एसएसपी से मिलकर परिजन और उनके वकील ने मामले में अपना पक्ष रखा। वहीं, एसएसपी ने मामले की जांच करने और निष्पक्ष कार्रवाई का उन्हें भरोसा दिया है।
गौरतलब है कि 25 सितंबर 2015 को गोवंश की हत्या के मामले में इकलाख और उसके परिजन आरोपी बनाए गए हैं। कोर्ट के आदेश के बाद जारचा थाने में मामला दर्ज होने के बाद गौतमबुद्धनगर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
मामला दर्ज होने से परेशान इकलाख के परिजन सोमवार को सूरजपुर स्थित एसएसपी कार्यालय पहुंचे और धर्मेंद्र सिंह से जाकर चिंता जाहिर करते हुए अपना पक्ष रखा।
गोहत्या के मामले में आरोपी बने हैं इकलाख के पांच परिजन
बिसाहड़ा कांड
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एसएसपी धर्मेंद्र सिंह ने उन्हें आश्वस्त किया कि मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाएगी। वहीं, गुण-दोष और साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। यदि इस मामले में कोई दोषी है तो उसपर कार्रवाई की जाएगी। निर्दोष लोगों को किसी भी तरह से परेशान नहीं किया जाएगा।
तीन लोगों के नाम और दर्ज करवाने पर नहीं बनी बात
इकलाख की हत्या के मामले में बिसाहड़ा गांव के तीन और लोगों के नाम दर्ज करवाने के लिए सोमवार को एसएसपी के सामने परिजन अपनी बात रखने वाले थे। इस मामले में वकील यूसुफ सैफी का कहना है कि रणनीति में फेरबदल करते हुए अब न्यायालय में नाम जुड़वाने की अपील करेंगे।
जान मोहम्मद ने सुरक्षा बढ़ाने की लगाई गुहार
इकलाख के भाई जान मोहम्मद को पिछले एक माह से गनर की सुरक्षा जिला गौतमबुद्धनगर से मिली हुई है। सुरक्षा देने की मियाद समाप्त होने के चलते इसकी मियाद बढ़ाने की गुजारिश की। एसएसपी की ओर से सुरक्षा को एक माह और बढ़ा दिया गया है। जान मोहम्मद ने बताया कि एसएसपी ने भरोसा दिया है कि अगले आदेशों तक उनको सुरक्षा मिली रहेगी।