दिल्ली-मथुरा ईएमयू में बृहस्पतिवार रात हुई वारदात सीट को लेकर हुई थी। इस मामले के प्रत्यक्षदर्शी और मृतक जुनैद के भाई हाशिम ने नया खुलासा किया है। हाशिम की मानें, तो विवाद की जड़ वो बुजुर्ग व्यक्ति था, जिसे बैठने के लिए जुनैद ने सीट दी थी। उसी ने पहला वार किया था। हाशिम का कहना है कि पुलिस ने जिस आरोपी को पकड़ा है, वो हमलावरों में शामिल जरूर था, लेकिन चाकू से वार करने वाला अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
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junaid murder
रविवार को अमर उजाला से बातचीत में मृतक के भाई हाशिम ने कहा कि ईद की खरीदारी करने के लिए हम चार लोग (जुनैद, हाशिम, मोहसिन व मोइन) दिल्ली गए थे। सदर बाजार स्टेशन से हम लोग ईएमयू में सवार हुए। उस समय सीटें खाली थीं तो हम लोग लूडो खेलने लगे। कुछ देर में ईएमयू भर गई। इस बीच एक बुजुर्ग व्यक्ति आया और जुनैद से बाला ‘बेटा सीट दे दो’। इतना सुनकर जुनैद उठ गया और बुजुर्ग को अपनी सीट दे दी।
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junaid murder
- फोटो : अमर उजाला
हाशिम ने बताया ओखला स्टेशन पर 20-25 लोग ईएमयू में सवार हुए और धक्का-मुक्की करने लगे। इन लोगों ने जुनैद को जोर से धक्का दिया, जिसका मैंने विरोध किया तो एक हमारे साथ बदसलूकी शुरू हो गई। कोई हम पर जातिगत टिप्पणी कर रहा था तो कोई बीफ खाने वाला बता रहा था। इस बीच वो बुजुर्ग व्यक्ति उठा जिसे हमने सीट दी थी और जुनैद को थप्पड़ जड़ दिया। इसके बाद 10-15 अन्य लोगों ने हमारे साथ मारपीट शुरू कर दी।
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मृतक जुनैद की फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
हाशिम ने बताया कि तुगलकाबाद स्टेशन पर ईएमयू पहुंचने पर उसने शाकिर को फोन किया। बल्लभगढ़ स्टेशन पर शाकिर हमें लेने के लिए पहुंचा लेकिन हमलावरों ने उसे भी ईएमयू के अंदर खींच लिया और बल्लभगढ़ से असावटी के बीच मारपीट करते रहे। एक हमलावर चाकुओं से वार कर रहा था।
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जुनैद की हत्या में गिरफ्तार आरोपी।
- फोटो : अमर उजाला
जुनैद शायद बच सकता था। हमलावर शाकिर के साथ स्टेशन पर भीड़ देख तैश में आ गए और उन्होंने स्टेशन निकलते ही ताबड़तोड़ हमले करने शुरू कर दिए। शाकिर जैसे ही बल्लभगढ़ स्टेशन पर पहुंचा तो उन्होंने हाथ दिखाकर उसे बुलाया। हमलावर उसे देख तैश में आ गए, क्योंकि शाकिर के साथ भीड़ दिखाई दे रही थी। डर के कारण हमलावरों ने जुनैद व अन्य भाइयों को उतरने नहीं दिया। बल्कि भीड़ को इतर कर शाकिर को बोगी में चढ़ा लिया। इसके बाद एक हमलावर ने चाकू निकालकर वार करने शुरू कर दिए। जबकि दूसरे लोग मारो-मारो कहकर समर्थन कर रहे थे।
हाशिम ने बताया कि पुलिस ने रमेश नाम के जिस आरोपी को गिरफ्तार किया है वो भी ओखला से ही सवार हुआ था। हमलावरों के बीच उसने भी बदसलूकी की। हाशिम का कहना है कि ‘मेरे सिर से टोपी उतारकर फेंकने और दाढ़ी खींचने वाला रमेश ही है’ लेकिन जिसने चाकुओं से हमला किया उसे अभी भी पुलिस पकड़ नहीं पाई है।