अदालत ने बिग बॉस के प्रतियोगी स्वामी ओम के सहयोगी स्वामी संतोष आनंद को एक महिला से छेड़छाड़ व धमकी देने के मामले में अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया। मामले में स्वामी ओमजी भी आरोपी हैं।
तीस हजारी स्थित विशेष न्यायाधीश हिमानी मल्होत्रा ने कहा कि मामले की जांच शुरुआती चरण में है और उन पर लगे आरोप गंभीर हैं। इसको ध्यान में रखते हुए आरोपी स्वामी संतोष आनंद को जमानत नहीं दी जा सकती।
सुनवाई के दौरान जांच अधिकारी ने अदालत को बताया कि पीड़ित महिला ने मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए बयानों में प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि महिला ने अपने बयान में कहा है कि आरोपियों ने उसके कपड़े फाड दिए और उससे छेड़छाड़ की थी।
वहीं, याची आनंद के अधिवक्ता ने तर्क रखा कि उनके मुवक्किल को फर्जी मामले में फंसाया गया है। महिला के पति के इशारे पर पुलिस ने पोक्सो के तहत मामला दर्ज करवाया है।
उन्होंने कहा आनंद विदेशों में स्थित विभिन्न योग कार्यशालाओं के अध्यक्ष है। वहीं, पुलिस ने तर्क रखा कि यदि आरोपियों को जमानत दी तो वे साक्ष्यों को नष्ट कर सकते हैं। ऐसे में जमानत स्वीकार न की जाए।