नीतीश कटारा हत्याकांड के दोषी विकास और सुखदेव
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हाईकोर्ट ने नीतीश कटारा हत्याकांड के दोषी विकास यादव को तीन दिन के लिए पुलिस हिरासत में पैरोल प्रदान की है। विकास यादव के दादा की 20 अगस्त को मृत्यु हो गई थी। उसे अदालत ने बिना किसी छूट के 25 वर्ष कैद की सजा सुनाई थी। न्यायमूर्ति आशुतोष ने कहा कि विकास यादव को सुबह 7 से शाम 7 बजे तक पुलिस हिरासत में उनके घर ले जाया जाए।
इस दौरान उसे किसी अन्य स्थान पर जाने की इजाजत नहीं होगी। वह मात्र मृत्यु के संबंध में आयोजित अंतिम क्रियाकर्म में ही शामिल होगा। शाम होते ही संबंधित थाने या जेल में ले जाया जाए। अदालत ने स्पष्ट किया कि पुलिसकर्मी इस दौरान वर्दी में रहेंगे।
विकास यादव की ओर से पेश अधिवक्ता विकास पाहवा ने अदालत को बताया कि दादा की मत्यु के संबंध में होने वाले अंतिम कार्यक्रम में शामिल होने के लिए तीन दिन की पैरोल प्रदान की जाए। वहीं दिल्ली पुलिस की ओर से पेश अधिवक्ता ने उनके तर्क पर आपत्ति नहीं जताई। उन्होंने कहा पैरोल पुलिस हिरासत में दी जाए।
सर्वोच्च न्यायालय ने 29 अगस्त को ही विकास की सजा के खिलाफ दायर अपील को खारिज करते हुए सजा बहाल रखी थी। विकास के अलावा उसके रिश्ते में भाई विशाल यादव को भी 25 वर्ष कैद की सजा सुनाई गई है वहीं सुखदेव पहलवान को 20 कैद की सजा सुनाई गई है।
इन तीनों पर 16 फरवरी 2002 की रात्रि नीतीश कटारा की हत्या कर उसके शव को जलाने का आरोप था। विकास यादव के पिता डीपी यादव भी हत्या के एक अन्य मामले में जेल में है।