मेवात इन दिनों अपराधियों के कब्जे में है। एक माह में यहां नौ हत्या हुई हैं। लेकिन पुलिस हत्या के किसी भी मामले को सुलझा नहीं पाई है। इंसाफ के लिए कोई पीड़ित परिवार पंचायत कर रहा है तो कोई उच्चाधिकरियों के पास गुहार लगा रहा है।
सवाल यह उठता है कि क्या मेवात पुलिस लापरवाह हो गई है? क्या बदमाशों को खुलेआम हत्या, लूट, डकैती और बलात्कार करने की आजादी मिल गई है? जनता पूछ रही है मेवात में पुलिस का राज है या अपराधियों का?
केस नंबर-1
अप्रैल के पहले दिन ही जिले के गांव लुहिंगाकला में हत्या हुई। आरोप है कि सरपंच सलीम के भाई सद्दाम ने पहली अप्रैल को गांव के ही इकराम और साकिर से चोरी की मोटरसाइकिल छीन ली थी और चेतावनी दी थी कि अब उनके गांव में कोई भी चोरी की मोटरसाइकल लेकर नहीं आएगा।
अभी इस मामले को चार घंटे भी नहीं गुजरे थे कि आरोपी इकराम, साकिर, आरिफ और मुब्बा सहित एक दर्जन बदमाशों ने सरपंच के भांजे शुरशीद की बुलट छीन ली।
इस बात पर झगड़ा बढ़ गया और गांव में जमकर फायरिंग हुई जिसमें 24 वर्षीय जाकिर को सीने में गोली लगी। 3 अप्रैल को उसकी दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में मौत हो गई। पुलिस ने 41 लोगों के खिलाफ मामला तो दर्ज किया पर अब तक गिरफ्तार कोई नहीं हुआ है।
केस नंबर-2
11 अप्रैल को नगीना खंड के गांव कंसाली में उस समय सनसनी फैल गई थी जब गांव के ही करीब 14 लोगों पर तीन वर्षीय मौनिस और दो वर्षीय गुफराना की कुएं में डुबोकर हत्या कर दिये जाने का मामला सामने आया।
पुलिस ने बच्चों के पिता के बयान पर 14 लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया, लेकिन कोई गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। वैसे पुलिस ने गांव कंसाली में आपसी रंजिश के चलते दोनो पक्षों पर दर्ज करीब तीन मामलों को स्टेट क्राईम ब्रांच को जांच के लिए सौंप दिया है।
केस नंबर-3
12 अप्रैल को गांव मामलीका में पति पर आरोप लगा कि उसने अपनी पत्नी अरबीना की अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या कर दी। आरोप है कि महिला का पति और उसके दोस्त जुआ खेलते थे और शराब पीते थे। महिला पर करीब दो लाख का जेवर था। विरोध किया तो रास्ते से हटा दिया। पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। गांव के लोगों ने महिला के पति को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने अभी तक इस मामले में अपनी ओर से कोई गिरफ्तारी नहीं की है।
केस नंबर-4
21 अप्रैल को घासेड़ा गांव में एक 15 साल की नाबालिग लड़की का पहले अपहरण, फिर बलात्कार और बाद में हत्या कर दी गई। उसे दफना दिया गया। बाद में 23 अप्रैल को कब्र से उसका शव निकाला गया। पुलिस ने आदिल, अकरम के अलावा गांव के मौजूदा सरपंच अशरफ को भी इस मामले में नामजद किया। इस मामले में न्याय पाने के लिए पंचायत हो चुकी है लेकिन अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
केस नंबर-5
23 अप्रैल को गांव नई में एक पनीर व्यापारी के कर्मचारी नसीब नौगावां की गोली मारकर हत्या कर दी गई और बदमाशों ने उससे साढ़े चार लाख रुपये लूट लिए। हत्या और लूट के इस मामले में दस लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है लेकिन अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
केस नंबर-6
25 अप्रैल को गांव छारौड़ा में आमिर नामक युवक की उसके दोस्ताें ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। गांव वालाें ने एक आरोपी को पकड़ कर पुलिस को सौंप दिया। पांच नामजद आरोपी अभी भी फरार हैं।
केस नंबर-7
29 अप्रैल को नूंह खंड के गांव आकेड़ा में आरोप लगा कि सुमईया नाम की एक महिला ने अपने प्रेमी और उसके दोस्तों के साथ मिलकर अपने पति याफिर की हत्या करवा दी। पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया। आरोपी महिला को गांव वालों ने ही पकड़कर पुलिस को सौंपा। बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी पुलिस अब तक नहीं कर पाई है।
केस नंबर-8
30 अप्रैल को गांव बीवां में एक 13 वर्षीय लड़की सवालिया की डीजे बजाने से मना करने पर की गई फायरिंग में जान चली गई थी। ग्रामीणों ने एक आरोपी को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया। नामजद चार आरोपियों में से तीन अभी भी फरार चल रहे हैं।
‘यह संयोग ही है एक माह में नौ मर्डर हो गए हैं। ज्यादातर मामले घरेलू और आपसी रंजिश के हैं। एक लूट का मामला बाहरी बदमाशों का है। सभी केसों के सुलझाने के लिए अलग-अलग टीम गठित कर दी गई हैं।’ -दीपक गहलावत, एसपी, मेवात