विवाह का झांसा देकर युवती से रेप करने के मामले में नया मोड़ आ गया है। पीड़िता ने क्षेत्रीय एसीपी व अंबेडकर नगर थानाध्यक्ष पर उसे आरोपी से समझौता करने के लिए दवाब बनाने व 10 लाख रुपये दिलवाने का आश्वासन देने का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता से लेते हुए याचिका पर बुधवार को सुनवाई तय की है।
दुष्कर्म मामले में गिरफ्तार आरोपी सब इंस्पेक्टर वरुण झा को हाल ही में अदालत ने जमानत प्रदान कर दी थी। उसके खिलाफ अदालत के निर्देश पर ही मामला दर्ज किया गया था। आरोपी एसआई पर शादी का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म व उसकी वीडियोग्राफी करने का आरोप है।
कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश बीडी अहमद व न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल की खंडपीठ के समक्ष पेश अधिवक्ता गौरव कुमार बंसल ने बताया कि ट्रायल कोर्ट ने 9 फरवरी को अंबेडकर नगर थाने में तैनात आरोपी एसआई के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया था।
उन्होंने कहा पुलिस आरोपी को बचाने में लगी है और उस पर लगातार आरोपी से समझौता करने के लिए दवाब बनाया जा रहा है। इस मामले में एसीपी जेएस मलिक व थानाध्यक्ष अभय यादव लगातार फोन पर दवाब बना रहे है।
उन्होंने कहा अभय यादव द्वारा मोबाइल पर की बातचीत को उनकी मुवक्किला ने रिकार्ड कर लिया है। थानाध्यक्ष ने साफ कहा है कि एसीपी के कहने पर ही वह समझौते के लिए कह रहे है और वह उसे आरोपी से 10 लाख रुपये भी दिलवा देंगे।
उन्होंने कहा कि थानाध्यक्ष ने कई बार उनकी मुवक्किला को फोन किया है। पुलिस के उच्चाधिकारियों के अनैतिक व गैरकानूनी कार्य व सहायता के कारण ही आरोपी इस गंभीर आरोप में भी अग्रिम जमानत पाने में सफल हो गया है। ऐसे में उन्हें निष्पक्ष व स्वतंत्र जांच की आशा नहीं है। अत: पुलिस आयुक्त व गृह मंत्रालय को जांच सीबीआई के सुपुर्द करने व एसीपी व थानाध्यक्ष के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई का निर्देश दिया जाए।
युवती का आरोप है कि वरुण ने उसे शादी का झांसा देकर फुसलाया और उसके विरोध के बाद भी उससे से दुष्कर्म किया। इसके बाद दिसंबर 2013 में वरुण ने शादी करने से इंकार कर दिया।
युवती का यह भी आरोप था कि वरुण ने शारीरिक संबंधों को अपने दोस्त के मोबाइल में रिकार्ड कर लिया था। वरुण ने धमकी देकर कहा कि अगर पीड़िता ने शादी के दवाब डाला तो वह रिकार्डिंग उसके माता-पिता को दिखा देगा।