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मूवर्स एंड पैकर्स कंपनी के नाम पर करते थे ठगी, पैसे व सामान लेकर हो जाते थे चंपत 

Tue, 26 Jul 2016 01:46 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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packers and movers - फोटो : Demo Pic
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दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने नामी मूवर्स एंड पैकर्स कंपनी (सामान एक जगह से दूसरी जगह ले जाने वाली कंपनियां) के नाम पर ठगी करने वाले ऐसे गैंग को दबोचा है, जो सामान शिफ्ट करने की बात कर एडवांस रकम व सामान दोनों ही लेकर चंपत हो जाता था।
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पुलिस ने इस संबंध में चार आरोपियों को दबोचा है। इनकी पहचान गैंग सरगना भिवानी निवासी अमित कुमार (28), विनोद कुमार (30) और फतेहाबाद निवासी दीपक व शामली (उप्र) निवासी शेखर ज्वाला के रूप में हुई है। 

अपराध शाखा के संयुक्त आयुक्त रविंद्र यादव ने बताया कि अग्रवाल मूवर्स एंड पैकर्स के दो अधिकारी संध्या और प्रभात गुप्ता ने कंपनी के नाम पर ठगी करने की शिकायत अपराध शाखा से की थी।
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उनका कहना था कि कुछ लोगों ने उनकी कंपनी में ठगी की शिकायत की थी। इसी संबंध में खुद संध्या ने 11 जुलाई को गूगल पर दिए गए एक नंबर पर संपर्क कर मूवर्स एंड पैकर्स को साउथ एक्सटेंशन स्थित अपने घर बुलाया। 

गैंग ने एक दर्जन लोगों से भारी मात्रा में ठगा सामान

पुलिस - फोटो : प्रतीकात्मक चित्र
तमिलनाडु नंबर की बाइक पर आए युवक ने बंगलूरू सामान शिफ्ट करने के लिए संध्या से 95 हजार रुपये में डील की। इसके लिए उसने 11 हजार रुपये एडवांस मांगा। इसे संध्या ने दे दिया। 

फिर 14 जुलाई को सामान उठाने की बात हुई। आरोपी ने संध्या को डील के जो पेपर दिए, उनकी जांच की गई। इस दौरान पता चला कि कागज पर जहां अग्रवाल मूवर्स एंड पैकर्स लिखा था, वहां कंपनी के नाम के साथ बहुत छोटा सा गुड्स शब्द भी जुड़ा है।

शिकायत मिलते ही पुलिस ने छानबीन शुरू की। जांच में पता चला कि आरोपियों ने कागजों पर गुड़गांव का पता दिया है। पुलिस ने छानबीन के बाद बसाई, गुड़गांव से चारों आरोपियों को दबोच लिया। 

आरोपियों की निशानदेही पर एक विदेशी नागरिक से ठगा गया 150 कार्टन घरों का सामान, एक ट्रक, एक बुलेट बाइक, तीन लैपटॉप के अलावा संध्या से एडवांस लिए गए 11 हजार में से चार हजार रुपये व भारी मात्रा में अन्य सामान बरामद किया है। पुलिस की मानें तो गैंग ने देशभर के दर्जनों लोगों से भारी मात्रा में सामान ठगा है। पुलिस गैंग से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
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जानिए कैसे देते थे वारदात को अंजाम

पु‌लिस - फोटो : file photo
अमित ने खुलासा किया कि वह विनोद, शेखर और दीपक के साथ मिलकर पिछले छह माह से ठगी का गोरखधंधा चला रहा था। इससे पूर्व पुणे, महाराष्ट्र निवासी राजेश भांबू उर्फ राजा नामक शख्स के साथ मिलकर ठगी का धंधा कर रहा था। 

राजेश ने अग्रवाल कारगो पैकर्स एंड मूवर्स के नाम से कंपनी खोली हुई थी। कंपनी के कागजों पर कारगो को बेहद छोटे व न दिखने वाले अंदाज में लिखा हुआ था। इसके अलावा इन लोगों ने अपनी वेबसाइट बनवाकर उसे गूगल पर फर्स्ट क्लीक पर उपलब्ध कराया हुआ था। 

पीड़ित अग्रवाल मूवर्स एंड पैकर्स नाम की कंपनी समझकर इनके जाल में फंस जाते थे। कुछ समय पूर्व राजेश महाराष्ट्र चला गया था। लेकिन वह अपना काम अमित को सौंप गया था। अमित ने कारगो की जगह गुड्स जोड़ दिया था। 

अमित ने पुलिस को बताया कि वह राजेश को 90 हजार से एक लाख रुपये महीना देते थे। इसके अलावा उसने बाकी सदस्यों को पार्टनर बनाया हुआ था। कम रुपयों में सामान ले जाने का देते थे झांसा अमित ने बताया कि वह वेबसाइट पर अपना नंबर दे देते थे। कॉल करने वाले शख्स को बहुत कम रुपयों में सामान शिफ्ट करने का झांसा दिया जाता था। सामान बुक करने के दौरान पहले एडवांस ले लिया जाता था। 

फिर सामान ले जाकर यह अपना मोबाइल बंद कर लेते थे। सामान को अपने गोदाम पर शिफ्ट कर दिया जाता था। क्राइम ब्रांच ने इनकी गिरफ्तारी से नोएडा सेक्टर-49, गौतमबुद्धनगर व एक अन्य मामला सुलझाने का दावा किया है।
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