बारह साल से कम उम्र की सौतेली बेटी से दुष्कर्म के मामले में दोषी शख्स को अदालत ने दस साल कैद की सजा सुनाई है। बच्ची की मां की मौत हो चुकी है और वह अपनी शिक्षा व खर्च के लिये दूसरों पर निर्भर है। अदालत ने दिल्ली विधिक सेवा प्राधिकरण को बच्ची को मुआवजा देने का निर्देश दिया है।
पटियाला हाउस स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राकेश पंडित ने दोषी को सजा सुनाते हुए कहा कि अपनी बच्ची को सुरक्षित माहौल देने के बजाय दोषी ने खुद उससे दुष्कर्म किया और वह इसका विरोध भी नहीं कर सकी।
अदालत ने पीड़िता को दो लाख रुपये मुआवजा देने का निर्देश दिल्ली विधिक सेवा प्राधिकरण को दिया है। अदालत ने कहा पीड़िता अपनी शिक्षा व खर्च के लिये दूसरों पर आश्रित है। अदालत ने दोषी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन के मुताबिक करीब पांच साल पहले घटना के समय बच्ची की बीमार मां दवा लेने अस्पताल गई थी। बच्ची ने डर की वजह से इस बात का जिक्र मां से नहीं किया था। इसके कुछ समय बाद बीमारी से बच्ची की मां की मौत हो गई थी।