सरकार के बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और महिला सशक्तीकरण जारूकता अभियान के बावजूद एसी नगर में रहने वाली कुसुमा ने दूसरी बेटी के जन्म से दुखी होकर खुदकुशी कर ली। होली की रात महिला के आत्महत्या करने से परिवार में गम का माहौल है।
एसी नगर निवासी सवींद्र कुमार प्राइवेट जॉब करते हैं। उन्होंने बताया कि तीन माह पहले पत्नी कुसुमा ने बेटी को जन्म दिया था। एक बेटी (3 वर्ष) होने की वजह से कुसुमा इस बार बेटे की बहुत ज्यादा उम्मीद कर रही थी।
बेटी होने के बाद से वह काफी उदास रहने लगी थी, कभी बोलती कि जीवन तबाह हो गया तो कभी बेटियों की परवरिश और शादी ब्याह की चिंता कर दिनभर रोती रहती। रविवार को सभी होलिका दहन की तैयारी कर रहे थे लेकिन कुसुमा उदास थी।
होलिका की पूजा करने के बाद लौट कर रात में उसने बड़ी बेटी को अपने हाथ से खाना खिलाया और छोटी को दूध पिलाया। इसके बाद सभी सो गए। रात किसी समय कुसुमा ने साड़ी का फंदा बनाकर पंखे से लटक कर खुदकुशी कर ली।
तड़के करीब साढ़े तीन बजे सवींद्र लघुशंका के लिए उठे तो उन्होंने पत्नी का शव लटकते देखा। उनके चीखने चिल्लाने वाले पर मोहल्ले वाले इकट्ठा हो गए। सूचना पर मौके पर पहुंचे कोतवाली थाने के एएसआई धर्मवीर ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा।
धर्मवीर ने बताया कि पति सवींद्र की तहरीर पर आत्महत्या का केस दर्ज किया गया है, यदि मृतका के परिवार वाले शिकायत करेंगे तो शिकायत के आधार पर जांच की जाएगी।