शिकायत करने वालों ने बताया कि कंपनी जर्मनी, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया सहित अन्य देशों में नौकरी दिलाने के नाम पर उनसे लाखों की ठगी की है। कंपनी ने उन लोगों को नियुक्ति पत्र जारी किया जो बाद में फर्जी साबित हुआ। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस ने आरोपियों के अकाउंट नंबर और फोन नंबर की जांच की। जिसमें पता चला कि आरोपी पुणे में मौजूद हैं। पुलिस की एक टीम पुणे में छापा मारकर मां-बेटे को गिरफ्तार कर लिया। माधुरी कंपनी में बतौर डायरेक्टर काम करती थी।
माधुरी ने बताया कि कंपनी में उसका भतीजा अशोक कुमार भी काम करता है। दिल्ली में मामला दर्ज होने के बाद सभी आरोपी पुणे भाग गए और वहां भी ठगी करने के लिए इसी तरह की एक कंपनी खोल ली।
जांच के बाद पुलिस ने बताया कि आरोपी पहले इंदर एंक्लेव में कमेटी चलाते थे। वहां से कई लोगों के लाखों रुपये गबन करने के बाद सभी फरार हो गए।
उसके बाद उन लोगों ने रोहिणी में एक कॉल सेंटर खोला। लेकिन इस कारोबार में उन्हें घाटा हुआ। उसके बाद वह विदेश भेजने के नाम पर ठगी करने लगे।