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4 महिलाओं पर हमलाः उखाड़ दिए कान और बाल

Tue, 07 Jan 2014 01:03 PM IST
अमर उजाला, नई दिल्ली
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जीटीबी एंक्लेव के ताहिरपुर में रविवार रात को एक दुकानदार ने आधा दर्जन लोगों के साथ मिलकर 16 वर्षीय किशोरी, उसकी बड़ी बहन, मां और मौसी पर हमला कर दिया।
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मारपीट में किशोरी के कान में गंभीर चोट आई है। बीचबचाव कराने आए पिता को भी आरोपियों ने पीटा। परिवार का आरोप है कि आरोपियों ने किशोरी को अगवा करने का प्रयास किया।

पुलिस के मुताबिक, पीड़िता सना (16, बदला हुआ नाम) परिवार के साथ ताहिरपुर में रहती है। परिवार में माता-पिता और दो बहनें हैं। सना नौवीं में पढ़ती है। उसके पिता को पैरालिसिस है।
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कुछ दिनों बाद ही सना की 23 वर्षीय बड़ी बहन की शादी है। रविवार शाम को सना अपनी मां, बहन और मौसी के साथ कृष्णा नगर खरीददारी करने के लिए गई थी। रात करीब 9:15 बजे चारों कार से घर लौट रही थीं।

सना की मौसी ने कार को बिजेंद्र की दुकान के बाहर खड़ा करना चाहा। बिजेंद्र ने फौरन कार को हटाने के लिए कहा। इस पर मौसी ने पांच मिनट का समय मांगा। तभी बिजेंद्र ने गाली-गलौच शुरू कर दी।

सना की मां और बहन कार से उतरीं और गाली देने से मना करने लगीं। इस बात पर बिजेंद्र ने करीब आधा दर्जन लोगों को वहां बुला लिया। आरोपियों ने उन पर हमला कर दिया।

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सना के कान पर घूंसा लगने से उसके कान से खून बहने लगा। वहीं, एक युवक ने उसकी बहन के बाल उखाड़ दिए। एक ने कान पर इतनी तेजी से मारा कि कान का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। धक्कामुक्की में सना की मां गिर गई और उनके भी चोट लगी। शोर सुनकर सना के पिता भी वहां आ गए।

आरोप है कि आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट की। परिवार के अन्य लोगों के आने के बाद किसी तरह महिलाओं को छुड़ाया गया।

देर रात चारों को जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां शुरुआती इलाज के बाद सभी को छुट्टी दे दी गई। पुलिस ने अपहरण का प्रयास, बदसलूकी, मारपीट का मामला दर्ज कर बिजेंद्र (45) को गिरफ्तार कर लिया है।

थाने से 20 कदम की दूरी पर हुई वारदात
महिलाओं की सुरक्षा को लेकर दिल्ली पुलिस के दावों की रविवार को ताहिरपुर में पोल खुल गई। जीटीबी एंक्लेव थाने से 20 कदम की दूरी पर वारदात होती रही, लेकिन पुलिस को घटना की भनक तक नहीं लगी।

100 नंबर पर फोन करने पर पीसीआर आई। पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचा दिया। देर रात को जीटीबी एंक्लेव थाने से एक महिला कांस्टेबल अस्पताल पहुंची। इस दौरान करीब तीन घंटे तक परिवार खुद ही जीटीबी अस्पताल में घायलों का इलाज कराता रहा।

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सना की मौसी का आरोप है कि थाने से चंद कदमों की दूरी पर वारदात हुई। पीसीआर ने घायलों को अस्पताल पहुंचा दिया, लेकिन किसी भी पुलिसकर्मी ने अस्पताल पहुंचने की जहमत नहीं उठाई। देर रात एक महिला पुलिसकर्मी आई।

उस समय तक तीन की एमएलसी बन चुकी थी। इलाज के बाद चारों परिवार के साथ थाने पहुंचीं। सुबह करीब 4:30 बजे बयान लेने के बाद वह फ्री हो पाए। मौसी के मुताबिक, शिकायत जल्दी न लेकर पुलिस ने औपचारिकताओं में पूरी रात गुजार दी।
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