गांव की एक कुंआरी युवती ने एक बच्चे को जन्म दिया। लेकिन घरवालों ने लोक-लाज की डर से उस बच्चे को दाई को सौंप दिया। वह उसका पालन-पोषण करने लगी।
इसी बीच अवैध तरीके से धन कमाने की चाह उसके मन में पैदा हो गई। उसने बच्चे को एक बच्चा गिरोह के महिला सदस्य को बेच दिया। पंजाब पुलिस ने उस गिरोह को गिरफ्तार कर लिया है।
यह मामला उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले का है।
पुलिस के अनुसार, रविवार को मीरापुर के मुश्तर्क मुहल्ला से जिस सलमा नामक महिला को पंजाब पुलिस ने पकड़ा था। वह मुहल्ले तथा देहात क्षेत्र में प्राइवेट दाई का काम करती है।
क्षेत्र के एक गांव की अविवाहित युवती ने करीब डेढ़ माह पूर्व सलमा से प्रसव कराया था। प्रसव के बाद लोक-लाज के कारण उसके परिजन बच्चे को रखना नहीं चाहते थे। सलमा ने बच्चे को अपने घर पर रखकर उसका पालन-पोषण शुरू कर दिया।
इसी दौरान कसबे की दूसरी महिला साजो उर्फ शहंशाह ने सलमा से संपर्क किया तथा निर्धारित रकम देकर बच्चे को शहंशाह से लेकर चली गई। वह बच्चे को लेकर हरिद्वार, देहरादून होते हुए पटियाला चली गई।
इसी दौरान पटियाला पुलिस ने बच्चा पकड़ कर सर्विलांस के माध्यम से गिरोह में शामिल सभी आरोपियों को धर दबोचा।