दक्षिण जिले में अफ्रीकी मूल के युवक-युवतियों को निशान बनाने व उन पर हमले होने के मामले सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि युवकों की भीड़ ने हमला किया है। हालांकि इन हमलों में अफ्रीकी मूल के किसी युवक व युवती को ज्यादा चोटें नहीं आई हैं।
इस मामले में विदेश राज्य मंत्री सुषमा स्वराज और गृहमंत्री के सख्त आदेश के बाद दिल्ली पुलिस ने इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।
एक नाइजीरियन युवक को नाक पर चोट हैं व युवती के हाथ में चोट लगी है। गौरतलब है कि वसंत कुंज में कांगो के युवक की हत्या के बाद कांगो में भारतीय मूल के लोगों पर हमले के बाद यहां अफ्रीकी मूल के लोगों की सुरक्षा को लेकर पुलिस कवायद कर रही है।
दक्षिण जिला डीसीपी ईश्वर सिंह ने बताया कि महरौली थाने में तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। हालांकि पीड़ित युवक-युवतियों ने शिकायत नहीं दी है। पुलिस ने स्वत: संज्ञान लेते हुए डीडी एंट्री पर एफआईआर दर्ज की हैं।
दक्षिण जिला पुलिस ने अफ्रीकी मूल के लोगों पर नस्लीय हमले की बात से इंकार किया है। पुलिस का कहना है कि लोकल समस्याएं तेज आवाज में रात में स्पीकर चलाने और खुले में शराब पीने को लेकर स्थानीय लोगों से झगड़ा हुआ है।
पीड़ित अफ्रीकी मूल के लोगों का कहना है कि उन पर बेवजह हमला किया गया। दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार पीड़ित दो युवक नाइजीरिया, एक युवती युगाड़ा व दूसरी साउथ अफ्रीका की रहने वाली है। इनमें पर हमले 26 मई की रात छत्तरपुर, मैदानगढ़ी व राजपुर खुर्द में हुए हैं।
एक नाइजीरियन युवक छत्तरपुर इलाके में हमला हुआ है। ये युवक पुलिस को बिना शिकायत दिए चला गया। शुरू में उसने मेडिकल जांच कराई थी, पुलिस के आग्रह पर उसने मेडिकल जांच कराई है। पीसीआर में तैनात पुलिसकर्मियों ने नाइजीरियन युवक को पुलिस में शिकायत देने के लिए कहा था।