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कलेजे के टुकड़ों को क्रूरता से मारकर खुद भी मौत को गले लगाया

Tue, 19 Apr 2016 07:37 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
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एमडीआई लाइब्रेर‌ियन मर्डर - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
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मैनेजमेंट डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (एमडीआई) के असिस्टेंट लाइब्रेरियन ने पत्नी व ससुराल वालों से तंग आकर अपने दो बच्चों की हत्या के बाद की खुदकुशी कर ली। सेक्टर-18 थाना पुलिस ने मां के बयान पर बहू, सास, ससुर व साली पर आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का मामला दर्ज कर लिया है।
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रोहतक के सांपला थाना क्षेत्र के कुलटाना गांव की रहने वाली इन्द्रो डबास ने सेक्टर-18 थाना पुलिस को बताया कि उनका बेटा भारत ऊडबास (4स्त्र0) एमडीआई में असिस्टेंट लाइब्रेरियन के पद पर 14 साल से काम कर रहा था।

बारह साल पहले उसकी शादी रोहतक के ही रहने वाले आरपी सुहाग की बेटी शीतल के साथ हुई थी। कुछ दिनों से उनके बेटे व बहू के बीच अनबन चल रही थी। जिससे तंग आकर उनके बेटे ने सोमवार अपने बड़े बेटे अभिवन (10) व अर्जुन (5) की तकिये से मुंह बंद कर हत्या कर दी।
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बाद में खुद पंखे से लटक कर आत्महत्या कर ली। यह वारदात एमडीआई स्थित संस्कृति अपार्टमेंट में हुई है। दोनों बच्चे डीएलएफ स्थित अमेरिकन स्कूल में पढ़ रहे थे।
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सुसाइड नोट में पत्नी व सास-ससुर को ठहराया ज‌िम्मेदार

एमडीआई के लाइब्रेर‌ियन ने की हत्या - फोटो : अमर उजाला
सेक्टर-18 थाना पुलिस ने फ्लैट में मिले सुसाईड नोट व मां के बयान पर बहू शीतल, ससुर आरपी सुहाग, सास राजबाला व साली पल्लवी के खिलाफ आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का मामला दर्ज किया है। साथ ही मृतक पर हत्या का मामला दर्ज किया है।

लाइब्रेरियन ने पत्नी और सास, ससुर द्वारा परेशान करने की शिकायत एमडीआई के निदेशक से की थी। एसीपी हवा सिंह के अनुसार अब तक की छानबीन में पता चला है कि सोमवार को भरत डबास की पत्नी स्कूल चली गईं थीं।

शाम को बच्चे भी डीएलएफ स्थित अमेरिकन स्कूल से वापस आ गए थे। इस दौरान उनके नौकर के यहां शीतल का फोन आया कि साहब फोन नहीं उठा रहे हैं।
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नौकर ने कांप्लेक्स के लोगों को बताई

यह बात नौकर ने कांप्लेक्स के लोगों को बताई। लोग उनके कमरे पर जाकर दरवाजा पीटने लगे लेकिन अंदर से कोई आवाज नहीं आई। जब लोगों ने दरवाजा तोड़ा तो अंदर का नजारा देखकर सन्न रह गए।

दोनों बच्चे बेड पर पड़े थे जबकि भरत खुद फंदे से लटका हुआ था। लोग तीनों को नजदीक के अस्पताल ले गए जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

तीनों शवों का पोस्टमार्टम बोर्ड की निगरानी में हुआ है। पोस्टमार्टम में इस बात का खुलासा हुआ है कि दोनों बच्चों की मौत दम घुटने से हुई है।
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