दहेज के लिए ससुराल वालों ने मारपीट की और मरा समझकर रास्ते में फेंक गए। ये कहना है गांव नूरनगर की एक महिला का। पुलिस ने पीड़िता के बयान पर पति समेत ससुराल पक्ष के 13 लोगों पर विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
पीड़िता शहनाज पुत्री फजरूदीन निवासी गांव डालावास थाना तावडू ने पुलिस को बताया कि उसकी शादी वर्ष 2007 में राहुल पुत्र याकूब निवासी गांव नूरनगर तहसील किशनगढ जिला अलवर के साथ हुई थी। तीन साल बाद गौना होने के बाद ससुराल वालों ने एक कार व एक लाख रुपये की मांग की।
मांग पूरी नहीं होने पर ससुराल पक्ष के लोगों ने उसका उत्पीड़न शुरू कर दिया। दहेज के लिए उसका शारीरिक उत्पीड़न किया गया। पीड़िता के मुताबिक 30 जनवरी 2016 को महिला थाना नूंह में एक शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद ससुराल पक्ष के लोगों ने उन्हें बिरादरी व पुलिस के समक्ष लिखित में हलफनामा देकर ठीक तरह से रखने का भरोसा दिलाया था।
इसके बाद वह मार्च में अपनी ससुराल चली गई। पीड़िता का आरोप है की 25 अप्रैल को ससुराल वाले मारपीटकर उसे खोरी कलां में अपने रिश्तेदारों के पास ले आये। यहां पर ससुराल वालों ने अपने रिशतेदारों के साथ मिलकर गले में रस्सी डालकर उसे बेरहमी से पीटा। बेहोश होने पर उसे मृत समझकर तावडू भिवाड़ी रोड़ पर सुनारी व खोरी के बीच स्थित एक पट्रोल पंप के समीप फेंक गए। पीड़िता ने अपने जेठ अनीश पर अशलीलता करने का आरोप भी लगाया है।
पुलिस ने पीड़िता के बयान पर पति राहुल, जेठ अनीश, सास मालवीय , आसमा पत्नी अनीश, सुभान, भुन्ना ,जमाल, जगी नंबरदार, निवासी नूर नगर तहसील किशनगढ जिला अलवर व जमशेद, शेरूनी पत्नी जमशेद, साकिर, खुशीला, घोली पत्नी शाकिर निवासी गांव खोरी कलां थाना तावडू के विरुद्ध विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।