'साहब मैं कोई चोर नहीं हूं, मुझे तो अपनी बच्ची की स्कूल फीस जमा करानी थी इसलिए मैंने शराब तस्करी की।' जी हां, डाबड़ी थाना पुलिस ने जब एक शराब तस्कर को पकड़कर उसकी कहानी सुनी तो पुलिसकर्मी भी सकते में आ गये।
आरोपी ने पकड़े जाने पर बेटी की फीस जमा कराने के लिए अपराध करने की बात कबूल की है। आरोपी की पहचान मोहित गोस्वामी(31) के रूप में हुई है। पुलिस ने इसके पास से 23 कार्टून शराब बरामद की है। जिसे वह हरियाणा से खरीदकर दिल्ली में सप्लाई कर रहा था।
द्वारका जिले के पुलिस उपायुक्त शिबेश सिंह ने बताया कि डाबड़ी थाने में तैनात सिपाही रमेश को बुधवार को सूचना मिली कि स्टीम कार सवार शराब तस्कर पालम की ओर से डाबड़ी इलाके में आने वाला है। सिपाही ने मुखबीर की मदद से कार को रोका।
तलाशी लेने पर कार में 23 कार्टून शराब मिले। चालक की पहचान सेक्टर 86 गुरुग्राम हरियाणा निवासी मोहित गोस्वामी के रूप में हुई। पुलिस ने उसपर आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उससे पूछताछ की।
पूछताछ में आरोपी ने जो खुलासा किया वह काफी चौंकाने वाला था। उसने बताया कि दो तीन माह से वह बेरोजगार है। बेटी की स्कूल फीस के उसे 80 हजार रुपये जमा करने थे।
ऐसे में वह रुपये का इंतजाम करने की कोशिश की, लेकिन रकम नहीं मिलने पर उसके एक दोस्त इंदौर निवासी संजीव ने उसे अपराध के रास्ते में धकेल दिया। उसने उसे शराब तस्करी करने के लिए कहा।
आरोपी ने बताया कि वह मूलत: अमृतसर पंजाब का रहने वाला है। उसने बीटेक व एमबीए की पढ़ाई की है। वह 9 माह तक सिंगापुर में जापानी रेस्टोरेंट के चेन में काम कर चुका है।
वहां से आने के बाद वह गुरुग्राम में किराए के मकान में रहने लगा और रियल इस्टेट कंपनी में बतौर मैनेजर काम करने लगा। लेकिन करीब तीन माह पहले उसकी नौकरी चली गयी। काफी प्रयास के बावजूद उसे नौकरी नहीं मिल पायी।