उधर, सुशील के परिजनों ने पुलिस को बताया कि करीब 5-6 साल से सुशील अपने पड़ोस की गांव की लड़की डॉली चौधरी के संपर्क में था। अब डॉली ने ग्रेटर नोएडा में नौकरी के बहाने किसी मोहित मावी नामक शख्स के साथ रहने लगी है।
पुलिस ने डॉली को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की तो उसने बताया कि बेरोजगारों को विदेश भेजने वाले मोहित ने उसको 10 हजार रुपये महीने की नौकरी पर रखा। इसी बीच डॉली की मोहित से नजदीकियां बढ़ गई। सुशील को जब इसका पता चला तो वह अपने साथ खींची गई डॉली की पुरानी अश्लील तस्वीरें दिखाकर ब्लैकमेल करने लगा।
उधर, सात अगस्त को मोहित की पत्नी को जब डॉली और मोहित के रिश्ते का पता चला तो उसने आत्महत्या कर ली। मोहित डर से बंगलूरू भाग गया, लेकिन इसके बाद भी वह लगातार डॉली के संपर्क में रहा।
डॉली ने बताया कि धीरे-धीरे सुशील आक्रामक होता जा रहा था। डॉली ने परेशान होकर सुशील की हत्या की साजिश रची। मनीष नामक अन्य युवक भी डॉली से शादी करना चाहता था। मनीष ने डॉली के पिता की पैसों से मदद भी की थी, जिससे उसका पिता भी बेटी की शादी मनीष से करना चाहता था।
डॉली ने मनीष को सुशील के बारे में बताकर उसकी हत्या करने की साजिश में शामिल किया। सुशील बार-बार डॉली से मथुरा आकर उससे मिलने का दबाव बना रहा था। डॉली ने मनीष से कहकर होटल में एक कमरे का इंतजाम करवा लिया। इसके बाद उसने ज्यादा मात्रा में नींद की गोलियां खरीदी और 11 अगस्त को सुशील को मथुरा में मिलने की बात कही। सुशील मथुरा आ गया।
यहां दिनभर इधर-उधर घूमने के बाद सुशील व डॉली होटल के कमरे में आ गए। सुशील ने खाना और कोल्ड ड्रिंक मंगवाई। डॉली ने नजर बचाकर उसमें नींद की गोलियां मिला दी। कोल्ड ड्रिंक पीते ही सुशील बेहोश हो गया।
इसके बाद मनीष और डॉली स्कूटी पर बिठाकर सुशील को मथुरा के पुराने यमुना पुल, लक्ष्मी नगर ले गए और उसे यमुना में जिंदा फेंककर दोनों अपने-अपने गांव लौट गए। जिस सिम से डॉली ने सुशील को कॉल किया था उस सिम को भी तोड़ दिया गया। डॉली के खुलासे के बाद पुलिस ने उसकी सोने की अंगुठी और बैग भी बरामद कर लिया है।