खुद की आईएएस अकादमी खोलने की चाह में एक पीएचडी होल्डर ब्लैकमेलर
बन गया। वह खुद को आईबी का बड़ा अधिकारी व गृह राज्य मंत्री का निजी सहायक
सचिव बताकर लोगों को ठग रहा था।
एक पीड़ित शख्स ने गृह मंत्रालय में इसकी
शिकायत की। इसके बाद अपराध शाखा ने कार्रवाई करते हुए आरोपी शिव शंकर (25)
को दबोच लिया। वह नई आबादी साहिबाबाद के सासनी गेट थाना क्षेत्र का रहने
वाला है।
शिव शंकर पीड़ित को सरकारी नौकरी के दौरान काली कमाई करने के लिए
धमकी देकर रुपये ऐंठने की कोशिश कर रहा था। पुलिस ने आरोपी के पास से
पीड़ितों को धमकाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले दो मोबाइल फोन बरामद
किए हैं। आरोपी से पूछताछ कर पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
अपराध
शाखा के संयुक्त आयुक्त रविंद्र यादव ने बताया कि गृहराज्य मंत्री के
ओएसडी ने दिल्ली पुलिस को एक शख्स की शिकायत दी थी। शिकायतकर्ता पूरन सिंह
ने बताया कि वह चुनाव आयोग से रिटायर हैं। 20 से 27 अक्तूबर के बीच एक शख्स
ने अपना नाम शिव शंकर बताते हुए उन्हें धमकाया।
उसने खुद को आईबी का बड़ा
अधिकारी व गृह राज्य मंत्री निजी सहायक सचिव बताकर कहा कि उसने सरकारी
नौकरी के दौरान खूब काली कमाई की है। अब उसके खिलाफ जांच शुरू हुई है।
मामले को अगर रफा-दफा करना चाहते हो तो नॉर्थ ब्लॉक के गेट नंबर-3 पर मिलकर
रुपये लेकर आ जाओ।
पूरन ने मामले की शिकायत
मंत्रालय से की। मंत्रालय ने जब अपने स्तर पर जांच की तो इस तरह का कोई
अधिकारी नहीं मिला। इसकी पुलिस से शिकायत की गई। शिकायत मिलते ही पुलिस ने
शनिवार को विश्वविद्यालय मेट्रो स्टेशन से आरोपी को दबोच लिया। पुलिस ने
उसके पास से दो मोबाइल बरामद किए।
आरोपी ने बताया कि जिन सिम कार्ड
से उसने पूरन को फोन किए थे। उसने वह सिम कार्ड नष्ट कर दिए हैं। पुलिस
ने मामला दर्ज कर उससे पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस इस बात का पता लगाने
का प्रयास कर रही है कि इससे पूर्व उसने कितने लोगों ठगा है।
कौन है आरोपी शिव शंकरमूलरूप
से अलीगढ़ का रहने वाला शिव शंकर परिवार के साथ हरदेव नगर, झड़ौदा में
रहता था। इसने आरएमएल विश्वविद्यालय, फैजाबाद से पीएचडी की है। आरोपी ने कई
यूपीएससी व अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की, लेकिन वह किसी परीक्षा
में पास नहीं हो पाया।
क्यों दिया वारदात को अंजामकई
परीक्षाएं देने के बाद आरोपी शिवशंकर खुद की आईएएस अकादमी खोलना चाहता था।
इसके लिए उसे मोटी रकम की जरूरत थी। इसकी वजह से उसने ब्लैकमेलिंग का धंधा
शुरू किया। वह अपने टारगेट को चुनकर उन्हें फोन पर धमकाता था। बाद में
उनसे मोटी रकम ऐंठ लेता था। पुलिस ने मानें तो आरोपी ने शादी के समय भी
अपने ससुराल वालों को आईबी का बड़ा अधिकारी बताया था। पुलिस उससे पूछताछ कर
मामले की छानबीन कर रही है।