फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिगिषा घोष हत्याकांड के दोषियों का अपराध से रहा है गहरा रिश्ता, लम्बी है जुर्म की दास्तां

Fri, 15 Jul 2016 01:02 AM IST
धीरज बेनीवाल/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
जिगिषा घोष के माता-पिता - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
जिगिषा घोष की हत्या में दोषी ठहराए गए बदमाशों का अपराध से बहुत गहरा रिश्ता है। जिगिषा मर्डर केस के अलावा सौम्या विश्वनाथन व एक टैक्सी ड्राइवर की हत्या के मुकदमे भी इन दोषियों पर चल रहे हैं। 
विज्ञापन


इसके अलावा जज की मोहर चुराकर फर्जी आदेश जारी के मामले में अमित शुक्ला को अदालत ने सितंबर 2014 में दो साल की सजा सुना चुकी है। जेल से रंगदारी का रैकेट चलाने का भी अमित पर आरोप है। 

बीपीओ कर्मी जिगिसा की हत्या से पहले रवि कपूर व उसके सहयोगी टीवी पत्रकार सौम्या विश्वनाथन की हत्या को अंजाम दे चुके थे। सौम्या की 30 सितंबर 2008 की रात उस समय हत्या कर दी थी जब वह काम से वापस घर लौट रही थी।
विज्ञापन


जिगिषा की हत्या की पूछताछ के दौरान ही सौम्या की हत्या का खुलासा भी आरोपियों ने किया था। जानकारी के मुताबिक इन दोषियों में शामिल अमित शुक्ला ने साकेत स्थित मजिस्ट्रेट की मोहर चुराकर फर्जी आदेश तैयार कर लिया था और उसके जरिये अपने लिए घर के खाने, कपड़े, जूते व किताब कॉपी की व्यवस्था करवा ली थी।
विज्ञापन

अमित शुक्ला ने जेल से चलाया था अवैध वसूली रैकेट

जिगिशा मर्डर केस
उसके बाद उसने मजिस्ट्रेट की मोहर अपने दूसरे साथी को दे दी थी और उसने भी फर्जी आदेश तैयार कर लिया था लेकिन वह पकड़ा गया और सारा फर्जीवाड़ा खुल गया। 

साकेत थाना पुलिस ने संबंधित मजिस्ट्रेट की शिकायत पर अमित शुक्ला के खिलाफ अगस्त 2012 में मुकदमा दर्ज किया था। अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद सितंबर 2014 में अमित शुक्ला को दो साल कैद की सजा सुनाई थी। 

इसके अलावा अमित शुक्ला पर जेल से अवैध वसूली रैकेट चलाने का भी आरोप लगा था। इस मामले में स्पेशल सेल ने 2013 में अमित शुक्ला के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। पूर्वी दिल्ली के एक कारोबारी ने अमित के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें