दिल्ली सहित देश के आठ राज्यों में मधुसूदन कंपनी के जिस दूध की सप्लाई एनसीआर से की जा रही थी, वह विषाक्त निकला है।
फूड सेफ्टी आफीसर ने बताया कि जांच के दौरान कपड़ा धुलने वाला घातक डिटर्जेंट और घटिया क्वालिटी का रिफाइंड मिला पाया गया है।
मधुसूदन की डेयरी एसएमसी और क्रीमी फूडस लिमिटेड सहारनपुर और खुर्जा में हैं। कमिश्नर मेरठ को कंपनी के उत्पादों में मिलावट की जानकारी मिली थी। उन्होंने मंडलीय टीम को कंपनी के सामान का नमूना लेने के आदेश दिए थे।
फूड सेफ्टी अफसर रामवीर सिंह ने बुलंदशहर में चांदौक दोराहे पर कंपनी के टैंकर से दूध का नमूना 26 नवंबर 2013 को लिया था। इसमें 16 हजार लीटर दूध था।
दूध का परीक्षण फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथारिटी ऑफ इंडिया की कोलकाता सेंट्रल परीक्षण लैब में किया गया। ऑफिस ऑफ डायरेक्टर द्वारा भेजी गई दूध परीक्षण रिपोर्ट चौंकाने वाली है। दूध में घातक मात्रा में मिलाया गया डिटरजेंट मिला पाया गया है।
मधुसूदन कंपनी के दूध में डिटरजेंट पाउडर और रिफाइंड की मिलावट मिली है। इसकी जानकारी डीओ, डीएम गाजियाबाद-बुलंदशहर, कमिश्नर मेरठ, फूड कमिश्नर लखनऊ और स्वास्थ्य सचिव केंद्र सरकार को दे दी गई है। मामला बेहद गंभीर है। - रामवीर सिंह, फूड सेफ्टी अफसर।
लोनी में बन रही थी जानलेवा चॉकलेट और टॉफी
लोनी के इंडस्ट्रियल एरिया में बच्चों की सेहत के लिए मिलावटी टॉफी-चॉकलेट बनाने की फैक्ट्री पर बृहस्पतिवार को छापामारी की गई। फैक्ट्री में अत्यंत घातक श्रेणी के रसायन और अखाद्य पदार्थ मिले हैं।
अफसरों ने 24 बोरी सामान सीज कर नौ सैंपल लिए हैं। कीवी कन्फैक्सनरी प्रा. लिमिटेड टॉफी-चॉकलेट बनाती है। अधिकारियों को जांच में प्रतिबंधित टेलकम पाउडर और टारटेरिक एसिड मिला।
अखाद्य श्रेणी के टेलकम पाउडर का प्रयोग फूड पाउडर की जगह और एसिड का प्रयोग मैंगो टॉफी बनाने में अमचूर की जगह हो रहा था।
कंपनी में सेहत को घातक अखाद्य रंग, एक्सपायर फ्लेवर, घातक मोम और बिना मक्खन के बन रही बटर टाफी मिली। डीओ विनीत यादव ने बताया कि खतरनाक श्रेणी के आठ बोरा टेलकम पाउडर और 16 बोरी चीनी को सीज किया गया है।
इसके साथ ही नौ सैंपल लिए गए हैं। यहां बनाए जा रहे टॉफी-चॉकलेट खतरनाक श्रेणी के हैं। फैक्ट्री के डायरेक्टर आरके दुबे ने बताया कि कोई गैरकानूनी काम नहीं हो रहा था। जांच में सभी नमूने पास निकलेंगे। अफसरों को सामान के कागजात उपलब्ध करा दिए जाएंगे, जोकि मौके पर नहीं थे।