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मैट्रिमोनियल साइट्स पर शादी का झांसा देकर भारतीय युवतियों से ठगी

Mon, 23 May 2016 05:03 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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शादी का झांसा देकर ठगी - फोटो : demo pic
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शादी डॉटकॉम और जीवन साथी डॉटकॉम जैसी मैट्रिमोनियल साइट्स के माध्यम से विदेश में शादी का झांसा देकर भारतीय युवतियों से ठगी करने वाले दो नाइजीरियन को दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने दबोचा है। गिरफ्तार आरोपी युवतियों से शादी का वादा करने के बाद उन्हें विदेश से महंगे तोहफे भेजने का झांसा देते थे।
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उसके बदले कस्टम व अन्य टैक्स के नाम पर युवतियों से मोटी रकम वसूल लेते थे।संयुक्त आयुक्त रविंद्र यादव ने बताया कि दिल्ली की युवती का जीवन साथी डॉटकॉम पर प्रोफाइल बना हुआ था। इस बीच खुद को अमेरिका का नागरिक बताकर किसी रोनाल्ड नामक युवक ने युवती से बातचीत शुरू की। 

बाद में शादी का प्रपोजल देकर युवती से बराबर बातचीत करने लगा। 20 अक्तूबर 2014 को रोनाल्ड ने बताया कि वह यूएसए से स्पेन जा रहा है। उसने युवती को पार्सल के जरिये मंगनी की रिंग, बैग, कुछ जेवरात, आईफोन और लैपटॉप भेजने की बात बताई। इसके बाद 22 अक्तूबर 2014 को युवती के पास सिमरन कौर नामक एक युवती का फोन आया। युवती ने खुद को मुंबई कस्टम दफ्तर का अधिकारी बताकर उसका पार्सल आने की सूचना दी।
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विदेश से महंगे तोहफे भेजने की बात कर वसूल लेते थे मोटी रकम

Fraud
युवती से सिमरन ने कहा कि पार्सल लेने के लिए कस्टम क्लीयरेंस के 42,500 रुपये देने होंगे। पीड़िता ने दिए गए खाते में रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद पार्सल के लिए दोबारा 1.80 लाख रुपये की मांग की गई। युवती ने संदेह होने पर मामले की सूचना पुलिस को दी। अपराध शाखा ने मामले की जांच शुरू की।

जांच में पुलिस को पता चला कि जिस मेल आईडी से युवती से चैट किया जा रहा था, उसे जनवरी 2016 के बाद इस्तेमाल नहीं किया गया। पुलिस ने 12 मई 2016 को एक सूचना के आधार पर दिल्ली के महावीर एंक्लेव से नाइजीरिया निवासी ओजोएमेना माइकल इजुचुकू (28) और इकवेंजे फ्राईडे (33) को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया।

ऐसे देते थे वारदात को अंजाम
आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में बताया कि ये लोग मैट्रिमोनियल और सोशल नेटवर्किंग साइट्स से शादी की इच्छुक युवतियों के बारे में जानकारियां जुटा लेते थे, फिर उनसे बातचीत शुरू की जाती थी। 

कुछ मामलों में पीड़ितों का मोबाइल नंबर लेकर उनसे बातचीत की जाती थी। फर्जी मेल आईडी बनाकर उनसे चैट किया जाता था। खुद को यूरोप के देशों का नागरिक बताकर युवतियों को शादी का प्रस्ताव भेजा जाता था। बाद में मंगनी के नाम पर पार्सल व अन्य सामान भेजकर उनसे कस्टम और अन्य बहाने रुपये वसूल लिए जाते थे। ज्यादातर मामलों में युवतियां ठगी की शिकायत भी नहीं करती थी।
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