फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मार्कशीट पर लोन दिलाने के नाम पर करोड़ों ठगने वाले गैंग का हुआ पर्दाफाश, 6 गिरफ्तार

Thu, 29 Dec 2016 10:50 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
पुलिस के गिरफ्त में आए मार्कशीट पर लोन देने का झांसा देने वाले गिरोह के सदस्य - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
मार्कशीट व पढ़ाई के अन्य प्रमाण पत्रों पर लोन दिलाने वाले एक गैंग के छह बदमाशों को पूर्वी जिला पुलिस ने दबोचा है। आरोपियों की पहचान गैंग लीडर जयपुर निवासी दीपक शर्मा उर्फ चिंटू (37), दिल्ली निवासी राजेश कुमार उर्फ राजू (48), राजकुमार (30) विकास उर्फ विक्कू (34), नीरज शर्मा (31) और बेडाथरू, मुजफ्फरनगर, यूपी निवासी अनुज कुमार बालियान उर्फ मांटी उर्फ रोहन (24) के रूप में हुई है।
विज्ञापन


पुलिस की मानें तो गैंग ने देशभर के करीब 500 से 700 लोगों के करोड़ों रुपये ठग लिए। पुलिस ने इनके पास से एक एसयूवी गाड़ी, दो लैपटॉप, 12 मोबाइल फोन, कई एटीएम और लोन दिलाने के लिए प्रचार किए जाने वाले पर्चे समेत अन्य सामग्री बरामद की है। पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर रही है।

पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त ओमवीर सिंह ने बताया कि मयूर विहार निवासी सुषमा ने एक अखबार में विज्ञापन देखकर आरोपियों से लोन के लिए संपर्क किया था। उसकी मार्कशीट व पढ़ाई के अन्य प्रमाण पत्रों को देखकर चार लाख के लोन दिलाने की बात की गई।
विज्ञापन


इसके लिए इंश्योरेंस के नाम पर 5400 रुपये एक खाते में मंगाए गए। बाद में 17,500 रुपये आरबीआई में लोन की फाइल भेजने के लिए मांगे। इसके बाद भी आरोपी उससे 22500 रुपये और मांगे तो उसे शक हुआ। मामले की शिकायत पुलिस से की गई।
विज्ञापन

ऐसे देते थे वारदात को अंजाम

गिरफ्तार

पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल नंबर, उनके खातों और सीसीटीवी फुटेज की जांच की तो पता चला कि सभी सिम व बैंक खाते फर्जी नाम पतों से लिए गए थे। जांच के बाद कुछ लोगों की पहचान की गई। मंगलवार को पूर्व जिला पुलिस ने रोहिणी, नांगलोई व दिल्ली के दूसरे स्थानों पर रेड की।

छानबीन के बाद छह आरोपियों को वहां से दबोच लिया गया। इनके पास से एक महिंद्रा एसयूवी कार, नकली पतों पर खोले गए बैंक खातों के कागजात, एटीएम कार्ड, लैपटॉप, 12 मोबाइल व अन्य सामान बरामद किया। आरोपियों ने खुलासा किया कि यह लोग पिछले दो सालों से करीब 500 से 700 लोगों को करोड़ों की ठगी कर चुके हैं।

ऐसे देते थे वारदात को अंजाम
आरोपियों ने बताया कि यह लोग पिछले करीब दो सालों से वारदात को अंजाम दे रहे थे। गैंग के लीडर दीपक व राजेश कुमार हैं। इन लोगों ने बड़ी-बड़ी कंपनियां जैसे रिलायंस फाइनेंस, बजाज फाइनेंस नामों से कंपनी का नाम रखा हुआ था। मार्कशीट व पढ़ाई के अन्य प्रमाण पत्रों पर लोन दिलाने की बात कर यह अखबारों में विज्ञापन देने के अलावा पर्चे भी बंटवाते थे। विज्ञापन में दिए गए नंबरों पर जब लोग संपर्क करते थे तो यह उनके प्रमाण पत्रों की प्रतिलिपि मंगवाकर लोन स्वीकृत होने की बात करते थे। बाद में फर्जी नाम व पतों पर खोले गए बैंक खातों में इंश्योरेंस, आरबीआई में फाइल भेजने व अन्य बातों का झांसा देकर रुपये मंगा लेते थे। बाद में एटीएम से इन रुपयों को निकाल लेते थे।

अकेले दीपक ने ठगे डेढ़ करोड़ रुपये
पूछताछ के दौरान दीपक ने खुलासा किया है कि अकेले उसने दो सालों में लोगों से करीब डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की है। इसके अलावा राजेश तीस लाख, राजकुमार 10 लाख और अनुज, विकास, नीरज ने 30 लाख रुपये ठग लिये थे। राजेश ने अपने फर्जी कॉल सेंटर के लिए 1800 सीरीज वाली टोलफ्री लाइन का जुगाड़ किया था। जिससे लोग इनके झांसे में आ जाते थे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें