फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सड़क किनारे बिस्कुट खा रही थी बच्ची, लावारिस कुत्तों ने नोच-नोचकर किया जख्मी

Sat, 02 Sep 2017 09:25 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
विज्ञापन
demo pic
विज्ञापन
नोएडा में लावारिस कुत्तों के झुंड ने बच्ची को नोचते हुए मुंह में उठाकर नीचे पटक दिया, जिससे बच्ची के सिर में गंभीर चोट आई है। खून से लथपथ बच्ची को इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया, लेकिन हालत गंभीर होने के चलते इमरजेंसी के डॉक्टर ने बच्ची को दिल्ली रेफर कर दिया।
विज्ञापन


जिला अस्पताल की इमरजेंसी से मिली जानकारी के अनुसार, ग्रेटर नोएडा वेस्ट में दीपचंद कंस्ट्रक्शन साइट पर काम करते हैं। काम के दौरान पिता ने बच्ची को बिस्कुट देकर बैठा दिया था। उसके बाद काम पर लग गए। इस दौरान 4 से 5 कुत्तों के झुंड ने बच्ची पर हमला कर दिया। 

बच्ची को चेहरे से लेकर पैरों तक पर नोच लिया। जिससे बच्ची के शरीर से खून बहने लगा। उसके बाद बच्ची को मुंह में दबाकर नीचे पटक दिया। बच्ची की चीख सुनकर पिता दौड़ा और किसी तरह से कुत्तों से उसे छुड़ाया। परिजन बच्चों को लेकर जिला अस्पताल लेकर पहुंचे।
विज्ञापन


इमरजेंसी के डॉक्टर रविंद्र ने बताया कि बच्ची की हालत गंभीर थी। कुत्तों के झुंड ने उस पर हमला किया था। कुत्तों ने बच्ची को मुंह में पकड़ कर गिरा दिया था, जिससे बच्ची के सिर पर काफी चोट थी। 

इसलिए बच्ची को दिल्ली रेफर कर दिया गया है। इसकी जानकारी सेक्टर-20 पुलिस को भी दी गई है। बता दें कि इससे पहले भी एक सोसायटी के  अंदर घुसकर बच्ची पर कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया था। इससे बच्ची को काफी चोट लगी थी। 
विज्ञापन

कुत्तों के इंजेक्शन पर खर्च होता है मोटा बजट 

demo pic
जिला अस्पताल में हर रोज 60 से 70 लोग रेबीज के इंजेक्शन लगवाने के लिए आते हैं। कभी-कभी तो आंकड़ा 90 के पार भी पहुंच जाता है। स्वास्थ्य केंद्रों और निजी अस्पतालों में भी इंजेक्शन लगवाने के लिए लोगों की भीड़ रहती है।

एंटी रेबीज वैक्सीन की मांग की वजह से पिछले कई महीनों से सरकारी अस्पताल में इसकी कमी चल रही थी। इन इंजेक्शन की खरीद पर स्वास्थ्य विभाग का मोटा बजट खर्च होता है।

इस समय शहर के हर सेक्टर के लोग लावारिस कुत्तों के आतंक से परेशान हैं। सेक्टर-22, 12, सेक्टर-82 उद्योग विहार, 93, 19, 20, 34 के अलावा जिला अस्पताल के लोग भी कुत्तों के काटने से परेशान हैं। अस्पताल में कुत्ते घूमते रहते हैं।

इससे ओपीडी में आने वाले मरीजों को काटने का डर रहता है। फोनरवा अध्यक्ष एनपी सिंह ने एक दिन पहले ही सीएम को चिट्ठी लिखकर शहर में लावारिस कुत्तों समेत तमाम समस्याओं से अवगत कराया था। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें