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बेटी से आठ साल तक दुष्कर्म करने वाले पिता पर कोर्ट ने चलाई सजा की तलवार

Fri, 26 Aug 2016 09:45 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : amar ujala
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गंभीर अपराध के मामलों में कोर्ट को सजा की तलवार चलाने में झिझकना नहीं चाहिये। यह टिप्पणी सौतेली बेटी से लगातार आठ साल तक दुष्कर्म के दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुये विशेष अदालत ने की है।
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अदालत ने पीड़िता की फरियाद पर दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। पीड़िता ने खुद अपने सौतेले पिता के लिये आजीवन कारावास की मांग की थी। यह शख्स पीड़िता से तब से दुष्कर्म कर रहा था जब वह नाबालिग थी। इससे उसकी दो संतानें भी पैदा हुई।

पटियाला हाउस अदालत ने टैक्सी चालक को सौतेली बेटी से लगातार दुष्कर्म दुष्कर्म का दोषी ठहराते हुये आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने इस मामले को दुर्लभतम श्रेणी में रखा है।
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अदालत ने रावत को दुष्कर्म संबंधी दो धाराओं व धमकी देने संबंधी धारा में दोषी मानते हुये सजा सुनाई है। अदालत ने रावत पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की राशि में से 50 फीसदी राशि पीड़िता को मुआवजे के तौर पर देने का निर्देश दिया है।

पीड़िता को अपने दो बच्चों की देखभाल करनी है इसके मद्देनजर अदालत ने उसे उचित मुआवजा देने का निर्देश दिल्ली विधिक सेवा प्राधिकरण को दिया है।
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पीड़िता की फरियाद पर कोर्ट ने सुनाया फैसला

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अदालत ने यह फैसला पीड़िता की फरियाद सुनने के बाद सुनाया है। पीड़िता ने खुद अपने पिता को अधिकतम सजा देने की मांग की थी। पीड़िता ने कहा कि उसके पिता ने उसकी पूरी जिंदगी तबाह कर दी है और उसके पास अपनी बच्चियों के साथ जिंदा रहने का कोई साधन नहीं है।

वसंत विहार थाने में पीड़िता ने 23 जून 2015 को सौतेले पिता के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज करवाया था। पीड़िता ने अपनी शिकायत में कहा कि आरोपी उसकी मां से 1995 में देहरादून में मिला था।

इसके बाद रावत ने पीड़िता की मां से शादी कर ली और वह उसे लेकर दक्षिण दिल्ली के शंकर विहार इलाके में रहने लगा। वह शराब के नशे में पीड़िता से दुष्कर्म करता था।
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