अदालत ने नवविवाहित की हत्या के मामले में सुनवाई करते हुए पति और सास को दोषी ठहराया और दोनों को उम्रकैद और 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। मामला 2015 से अदालत में विचारधीन था।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कुलदीप सिंह की अदालत में पेश मुकदमे के अनुसार गांव शाहपुरकलां निवासी उदय प्रकाश ने 12 जुलाई 2015 को सदर बल्लभगढ़ में मामला दर्ज कराया था। शिकायत में उन्होंने बताया कि बेटी नेहा की शादी 28 नवंबर 2014 को गांव दयालपुर निवासी सोनू के साथ की थी।
शादी में दिए गए दान दहेज से नेहा के ससुराल वाले खुश नहीं थे। उन्होंने और अधिक दहेज की मांग करते हुए उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। नेहा के बताने पर ससुराल वालों को समझाने का प्रयास किया।
लेकिन उन्होंने व्यवहार नहीं बदला। 17 जुलाई 2015 को उन्हें सूचना मिली कि नेहा घर से गायब है। जिसके बाद उन्होंने नेहा की तलाश की। उसका शव नहर से बरामद हुआ। उदय प्रकाश का आरोप था कि ससुराल वालों ने नेहा की नहर में धकेल कर हत्या की है। उस समय पुलिस ने नेहा के पति सोनू व सास सत्यवती के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था।