जिला अदालत में लूट के मामले में पेशी पर आए दो बदमाशों को उनका तीसरा साथी गांजा की पुडिय़ां थमा रहा था। यह वाक्या अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनीष कुमार ने देख लिया। फिर क्या था न्यायाधीश ने कहा कि जब ये कोर्ट रूम की ही कोई अहमियत नहीं समझते तो ये क्या सुधरेंगे।
अदालत ने इन तीनों को दोषी करार दे दिया। अदालत शुक्रवार को सजा सुनाएगी। न्यायाधीश की शिकायत पर तीनों के खिलाफ थाना सेंट्रल पुलिस में मादक पदार्थ अधिनियम के तहत भी केस दर्ज कर लिया गया है।
दरअसल, सोमवार सुबह एएसजे मनीष कुमार की अदालत में लूट के एक मामले की सुनवाई थी। इस मामले में नीमका जेल में बंद अरुण और असरफ पेशी पर आए थे। मुकदमे में अरुण व असरफ का तीसरा साथी गौरव भी पेशी पर पहुंचा हुआ था।
तीनों अदालत परिसर में खड़े थे। इस दौरान गौरव ने अपनी जेब से गांजा की एक पुडिय़ां निकाली और अरुण की जेब में डाल दी। जेब में पुडिय़ां डालते हुए न्यायाधीश मनीष कुमार और थाना सेंट्रल में तैनात एक पुलिसकर्मी ने देख लिया।
उसकी तलाशी ली गई और जेब से पुडिय़ां निकालकर चेक किया। पुडिय़ां में 4 ग्राम से ज्यादा गांजा था। न्यायाधीश ने कहा कि अदालत में ही इस तरह की हरकत करने वाले सुधर नहीं सकते। इनके लिए रहम की दलीलें भी बेकार है। तीनों को दोषी करार देते हुए नीमका जेल भेज दिया। शुक्रवार को सजा सुनाई जाएगी।