एक युवती ने पहले अपने जीजा पर दुष्कर्म का आरोप लगाया, फिर कोर्ट में अपने बयान से पलटते हुए आरोपी को पाक साफ बताया। कोर्ट ने आरोपी को तो बरी कर दिया, मगर पीड़िता को बयानों से मुकरने का आरोप मानते हुए उसे एक माह कैद की सजा सुना दी।
सरकारी वकील प्रमोद कुमार तंवर ने बताया कि मामला भोजपुर थाना क्षेत्र का है। यहां रहने वाले एक व्यक्ति ने थाने में मुकदमा दर्ज कराया था कि उसकी पुत्री को उसका दामाद छोटी बेटी की तबियत खराब होने का बहाना करके अपने साथ ले गया और तीन दिनों तक उसके साथ दुष्कर्म किया।
25 मई 2013 को इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पीड़िता ने पुलिस को अपने बयान दर्ज कराए थे। सरकारी वकील ने बताया कि मामला एडीजे-5 शंकर लाल की कोर्ट में चल रहा था। मामले के फैसले पर आने के दौरान ही पीड़िता अपने पूर्व के बयानों से मुकर गई।
इस पर कोर्ट ने 20 जनवरी 2014 को आरोपी को बरी कर दिया था, मगर बयानों से मुकरने के आरोप में पीड़िता के खिलाफ ही कोर्ट में प्रर्कीण वाद चलाए जाने का आदेश जारी किया था। न्यायाधीश शंकर लाल ने पीड़िता को बयानों से मुकरने का दोषी करार देते हुए उसे एक माह कैद और 300 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।