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किडनी रैकेट कांड : गैंग लीडर की तरह काम करते थे अस्पताल स्टाफ के लोग

Tue, 07 Jun 2016 12:41 AM IST
पुरुषोत्तम वर्मा /अमर उजाला, नई दिल्ली
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किड़नी रैकेट - फोटो : अमर उजाला
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अपोलो किडनी रैकेट कांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए खुलासे सामने आ रहे है। अब पता चला है कि अपोलो अस्पताल का स्टाफ आदित्य सिंह व शैलेष सक्सेना भी गैंग लीडर की तरह काम करते थे।
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किडनी लेने वाले को ये खुद ही ढूंढते थे और उससे पूरे पैसे की बात यही करते थे। पुलिस की कस्टडी में मौजूद इन दोनों आरोपियों ने ये खुलासा किया है। पुलिस ने दोनों को सोमवार को कोर्ट में पेश कर फिर तीन दिन के और रिमांड पर लिया है।

ये दोनों अपोलो अस्पताल के डॉक्टर एसके सरीन के पर्सनल स्टाफ थे। शैलेष तीन वर्ष और आदित्य चार वर्ष से डॉक्टर सरीन के पास काम कर रहे थे। दोनों को दस-दस हजार रुपये तनख्वाह मिलती थी।
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दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार आदित्य व शैलेष ने खुलासा किया है वह किडनी प्राप्तकर्ता से पूरे पैसे की बात खुद ही करते थे।
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किडनी प्राप्तकर्ताओं के कागजात पाए गए फर्जी

किड़नी रैकेट - फोटो : अमर उजाला
अब पुलिस इस बात की तफ्तीश कर रही है कि जब ये पैसे की खुद बात करते थे तो रकम कहां-कहां जाती थी। पुलिस जांच में ये बात भी सामने आई है कि कुछ किडनी प्राप्तकर्ता के कागजात भी फर्जी पाए गए हैं।
 
दिल्ली पुलिस की टीमें नागपुर, कानपुर, जम्मू कश्मीर, जयपुर और गाजियाबाद पहुंच गई हैं। पुलिस टीमें यहां किडनी प्राप्तकर्ता को दिल्ली लाने गई हैं।

नागपुर की किडनी लेने वाली महिला है, जबकि जयपुर, गाजियाबाद, जम्मू कश्मीर और कानपुर के किडनी प्राप्तकर्ता पुरुष हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली लाकर किडनी प्राप्तकर्ताओं की मेडिकल जांच कराई जाएगी जिससे स्पष्ट हो जाएगा कि उन्हें किडनी लगाई गई है या नहीं। इसके अलावा किडनी प्राप्तकर्ताओं का अपोलो स्टाफ से आमना-सामना कराया जाएगा।
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