भोवापुर गांव से अपहृत बालक को पुलिस ने बृहस्पतिवार सुबह फर्रुखनगर स्थित ईट भट्टे से सकुशल बरामद कर दो अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया है। अपहरणकर्ताओं ने बालक के परिजनों से दो लाख रुपये की फिरौती मांगी थी।
भोवापुर गांव में राजकुमार परिवार सहित रहते हैं। उनके परिवार में पत्नी आशा, बेटी वैष्णवी और इकलौता बेटा प्रियांशु(5) है। राजकुमार खराद मशीन का काम करता है।
मंगलवार शाम करीब छह बजे राजकुमार बाइक से बेटे प्रियांशु के साथ गांव की पैठ बाजार में सब्जी लेने गए थे। बाइक पर प्रियांशु को बैठाकर राजकुमार सब्जी लेने चला गया था। वापस लौटे तो प्रियांशु वहां से गायब था।
परिजनों ने देर रात बालक की तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लग सका। बुधवार को राजकुमार ने प्रियांशु की अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई। इससे पुलिस में हड़कंप मच गया।
शाम करीब पांच बजे राजकुमार के मोबाइल पर अपहरणकर्ताओं की कॉल आयी। उन्होंने पीड़ित पिता से दो लाख रुपये की फिरौती मांगी। पुलिस ने मोबाइल सर्विलांस के जरिए प्रियांशु को लोनी के फर्रूखनगर के ईट भट्टे से बरामद कर दोनों अपहरणकर्ता को गिरफ्तार कर लिया है।
परिजनों के अनुसार, सर्दी लगने के कारण बालक की हालत बिगड़ गई है। एसओ सुबोध सक्सेना ने बताया कि राजकुमार के पांच भाई हैं। उनके परिवार ने डेढ़ साल पहले साठ लाख रुपये में अपनी दो बीघा जमीन बेची थी। इस रकम में से राजकुमार के हिस्से में नौ लाख रुपये आये थे।
पकड़ा गया आरोपी नीरज निवासी भीखमपुर गांव रजपुरा बदायूं चिनाई मिस्त्री है। एक साल पहले नीरज ने राजकुमार का कमरा बनाया था। 12 जनवरी को नीरज राजकुमार के पास गया था और आर्थिक तंगी का हवाला देकर उससे काम मांगा था।
इसी दौरान नीरज को किसी तरह राजकुमार के पास नौ लाख रुपये होने की भनक लग गई। लालच में आकर नीरज ने साथी किशन निवासी बदायूं के साथ मिलकर प्रियांशु के अपहरण की साजिश रच डाली थी। मंगलवार को पैठ बाजार से दोनों ने बाइक से प्रियांशु का अपहरण कर लिया।
पहचान होने के कारण प्रियांशु उनके साथ चला। फर्रूखनगर स्थित ईट भट्टे पर किशन काम करता है। प्रियांशु को ईट भट्टे पर ही रखा गया था। उधर, छोटे भाई प्रियांशु के अपहरण की खबर लगते ही उसकी बहन वैष्णवी की हालत बिगड़ गई, जिसे गाजियाबाद के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।