जनवरी महीने में एक कश्मीरी कुछ सपनापें के साथ शोपियां से दिल्ली आया, लेकिन उसके साथ कुछ ऐसा हुआ कि अब उसे इसी शहर में अपनी जान को खतरा महसूस होने लगा है।
कश्मीर से आए आमिर अमिन कहतें है कि मुझे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है। मेरे कंधों पर तीन छोटी बहनों और मां -बाप की ज़िम्मेदारी है। मैं किसी भी दिन भीड़ की हिंसा का शिकार होकर मरना नहीं चाहता।
गत रविवार को 25 वर्षीय अमिन पर द्वारका इलाके में 20 लोगों के एक झुंड ने हमला कर दिया। हमला करने वालों का आरोप था कि अमिन देश विरोधी नारे लगा रहा था साथ ही कुछ ऐसे पोस्टर्स भी ले कर जा रहा था जिसमें देश के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया था।
वो उपद्रवी नहीं और अमन चाहता है
पुलिस
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खुद पर हूए हमले पर अफसोस जताते हुए अमिन ने साफ किया कि वो उपद्रवी नहीं है और अमन चाहता है। बता दें कि अमिन केंद्र सरकार की उड़ान नीति के तहत द्वारका सेंटर पर बतौर ट्रेनी काम करने के लिए दिल्ली आया था। इस नीति का मकसद युवाओं में कौशल विकास के साथ रोज़गार दिलाना है।
साथ ही सरकार अपनी इस नीति के तहत जम्मू कश्मीर के युवाओं को रोजगार के अवसर भी प्रदान करना चाहती है। इस बीच अमिन को गुड़गांव की एक बीपीओ में तीन महीने की ट्रेनिंग के बाद नौकरी भी मिल गई। रविवार को अमिन अपना कुछ सामान लाने दोस्त के घर द्वारका जा रहा था।
इस दौरान अमिन और उसका दोस्त कश्मीर में चल रही हिंसा और उसकी खबरों को भी देख रहे थे। कश्मीर की इस स्थिती को देखने के बाद अमिन को अपने अपने परिवार की चिंता होने लगी।
मैं जलते कश्मीर का रहने वाला हुं, हमें इंसाफ चाहिए
श्रीनगर में हिंसक प्रदर्शन
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उसने एक पेपर पर अपने दिल और दिमाग में चल रहे खयालों को बयां कर दिया। उसने लिखा, मैं जलते कश्मीर का रहने वाला हूं, हमें इंसाफ चाहिए, हम शांति चाहते हैं, बेगुनाहों को मारना बंद करो। हमले वाले दिन ये पेपर उसके हाथ में थे और वो बस स्टैंड पर गुड़गांव जाने वाली बस का इंतजार कर रहा था। तभी कुछ लोगों ने उसे घेर लिया और पाकिस्तान व मारे गए हिज़बुल कमांडर बुरहान वानी का समर्थन करने का आरोप लगाना शुरु कर दिया।
अमिन ने उनसे कहा कि इंसानियत के नाते उन्हें कश्मीर के लोगों से हमदर्दी होनी चाहिए, पर भीड़ ने उसकी एक न सुनी और उसके साथ मारपीट की। अमिन को दुख है कि इसके बावजूद पुलिस ने हमलावरों को पकड़ने की बजाए उससे ही पूछताछ शुरु कर दी। हालांकि बाद में उसे छोड़ दिया।
कश्मीर में चल रहे कर्फ्यू् की वजह से अमिन को अपने परिवार की चिंता सता रही है। वो उनसे संपर्क भी नहीं कर पा रहा है। अमिन का कहना है कि परिवार वालों से लंबे समय से मेरी कोई बातचीत नहीं हो पाई है। कश्मीर से जितनी भी खबरें आ रही है वो दुखद हैं। मेरे साथ जो हुआ उसके बाद अब मैं यहां नहीं रहना चाहता। मैं वापस अपने घर कश्मीर जाना चाहता हूं।