सपा नेता विनोद यादव के चचेरे भाई कपिल यादव हत्याकांड में पुलिस ने हत्यारोपियों को कानूनी तरीके से घेर लिया है। पुलिस उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) लगाने की तैयारी कर रही है।
बृहस्पतिवार से रासुका के लिए पुलिस ने कागजी कार्रवाई भी शुरू कर दी है। इसके अलावा हत्यारोपी आरटीआई एक्टीविस्ट सचिन यादव की हिस्ट्रीशीट खोली जा रही है। इन पर गैंगस्टर की कार्रवाई की जा चुकी है।
छह मई को एनएच-24 पर बम्हैटा केसामने पेट्रोल पंप पर प्रापर्टी डीलर सचिन यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। प्रतिबंधित बोर नाइन एमएम की पिस्टल से गोली मारी गई थी।
13 मई को पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा किया था। चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनमें दिव्यांशु उर्फ कुक्कू, रोहित, प्रिंस और सचिन यादव थे।
मामा की मौत का बदला लेने के लिए कुक्कू ने वारदात की प्लानिंग बनाई थी। इस केस की गूंज लखनऊ तक गई थी। सीएम ने भी पुलिस अधिकारियों केस के जल्द खुलासे के निर्देश दिए थे।
क्या है रासुका
पुलिस की रिपोर्ट पर डीएम राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) लगाने की मंजूरी देते हैं। इसकी रिपोर्ट 21 दिन के भीतर शासन को भेजनी होती है। ये एक साल के लिए लगाई जाती है। इस दौरान जमानत नहीं होती।