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केपी हत्याकांड : सपा का नामित सभासद भी गिरफ्तार

Tue, 17 Jun 2014 12:34 AM IST
अमर उजाला, गाजियाबाद
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कालोनाइजर केपी त्यागी हत्याकांड में सोमवार को सपा से नामित सभासद परवेज चौधरी को भी गिरफ्तार कर लिया गया। एसपी देहात जगदीश शर्मा ने बताया कि जांच में आया है कि सभासद हत्या के षड्यंत्र में शामिल था।
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वह जानता था कि कालोनाइजर की हत्या होने वाली है। आरोप ये भी है कि वह सीएम और सपा के बड़े पदाधिकारियों के साथ अपने फोटोग्राफ दिखाकर लोगों पर रौब गालिब करता था। दूसरी तरफ, सभासद आरोपों को बेबुनियाद बता रहा है। उसका कहना है कि उसे पुलिस ने फंसाया है।

एसओ मुरादनगर आरपी शर्मा ने बताया कि परवेज चौधरी कच्ची सराय का रहने वाला है। सर्विलंास के जरिए पता चला कि फर्जी आईडी से खरीदे गए सिम से हत्यारोपी अमित त्यागी, रेकी करने वाले जॉनी और परवेज चौधरी की 19 से 28 अप्रैल तक फोन पर बातचीत हुई है। अमित त्यागी और परवेज चौधरी की बात 20 बार से ज्यादा बार हुई थी।
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‘गुंडा टैक्स’: संतोष सिटी में ली 12 प्रतिशत हिस्सेदारी
एसओ ने बताया कि संतोष सिटी कालोनी मुरादनगर में सिंचाई विभाग का एक नाला था। उस नाले को केपी त्यागी ने बंद कर रास्ता बना दिया था, जिससे उसकी जमीन की कीमत बढ़ गई थी। सभासद ने इस संबंध में शासन स्तर पर पैरवी कर नाले पर बने रास्ते को उखड़वाने के आदेश करा दिए थे।

इस पर केपी ने सभासद से संपर्क किया। सभासद ने कार्रवाई न कराने के लिए केपी से सौदा किया, जिसके तहत सभासद ने संतोष सिटी कालोनी में 12 प्रतिशत की हिस्सेदारी कर ली।

इस हिस्सेदारी में सभासद ने अपने दोस्त अमित त्यागी (मुख्य हत्यारोपी) को भी तीसरा हिस्सा देना तय किया। इस बीच केपी ने हाजी इस्लाम से पार्टनरशिप कर ली। इससे सभासद केपी से नाराज हो गया था।

जेल में हुई थी अमित त्यागी से दोस्ती
पुलिस ने बताया कि सभासद वर्ष 2007 में जलालपुर प्रधान पर फायरिंग करने के मामले में जेल गया था। इसी दौरान अमित त्यागी ग्राम भनैडा के प्रधान बबलू की हत्या में जेल में बंद था। वहीं सभासद और अमित की दोस्ती हुई थी।

बसपा विधायक के भाई की तलाश में दबिश
एसपी देहात ने बताया कि बसपा विधायक वहाब चौधरी के भाई आस मोहम्मद की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। उस पर हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप है। पुलिस आस मोहम्मद और सभासद की पार्टनरशिप की भी जांच कर रही है।

ये है मामला
28 अप्रैल 2014 को मुरादनगर में जलालपुर रोड पर कार सवार बदमाशों ने कालोनाइजर केपी त्यागी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। जबकि केपी का दोस्त प्रवीन गोली लगने से घायल हो गया था।

15 जून को पुलिस ने केपी के पूर्व पार्टनर अमित त्यागी समेत 8 हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर वारदात का खुलासा किया था। सभासद परवेज को जांच के दायरे में रखा था।

मुरादनगर के बजाय सिहानी गेट से गया जेल
पुलिस को डर था कहीं सभासद के समर्थक हंगामा न कर दें। लिहाजा पुलिस ने सभासद की गिरफ्तारी तो मुरादनगर थाने से ही दिखाई, मगर गिरफ्तार कर रखा सिहानी गेट कोतवाली में। वहीं से जेल भेजा गया।

सिंचाई विभाग का अफसर में जांच के घेरे में
एसपी देहात ने बताया कि सहारनपुर में अमित को वारदात से एक दिन पहले गिरफ्तारी में मदद करने वाले सिपाही के अलावा सिंचाई विभाग के उस अफसर को जांच के घेरे में रखा गया है, जिसने संतोष सिटी के नाले को बंद करने में भूमिका निभाई। क्योंकि इस मामले की प्रशासनिक स्तर पर जांच भी कराई गई थी।

केपी त्यागी के ऑफिस की भी जांच
एसओ मुरादनगर आरपी शर्मा ने बताया कि केपी त्यागी का आफिस का बैनामा विधायक वहाब चौधरी के बेटे के नाम हो गया था। लेकिन केपी की हत्या के 10 दिन बाद आफिस का बैनामा वापस केपी की पत्नी के नाम कर दिया गया।

केपी के ताऊ रामऔतार त्यागी ने भी इसकी पुष्टि की है। एसओ ने बताया कि पुलिस जांच कर रही है कि ऐसा किन परिस्थितियों में हुआ।

विधायक बोले-30 लाख में खरीदा था ऑफिस
विधायक वहाब चौधरी का कहना है कि उन्होंने केपी त्यागी का ऑफिस तीस लाख रुपये में खरीदा था। लेकिन बाद में केपी ने पैसे लौटा दिए थे और अपना ऑफिस वापस मांगा था। तब बैनामा नहीं हुआ था। इसी बीच केपी की हत्या हो गई तो बाद में उसकी पत्नी के नाम बैनामा कर दिया गया।

बंदी गृह में आरोपियों से की बात तो सभासद को घंटों थाने में बैठाया
मुरादनगर पुलिस ने बंदी गृह में बंद आरोपियों से बात करने पर क्षेत्र के एक अन्य सभासद (परवेज नहीं) को घंटाें थाने में बैठाए रखा। सूत्रों का कहना है कि एक सभासद किसी काम से थाने पहुंचे थे, तभी बंदी गृह में बंद एक आरोपी ने उन्हें आवाज दी।

सभासद आरोपी से बात करने लगे। आरोपियों से बात करने पर पुलिस ने सभासद को घंटाें तक थाने में बैठाए रखा। सभासद के पसीने छूट गए, बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।
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