जिगिषा घोष के हत्यारों को फांसी व उम्रकैद की सजा
जिगिषा घोष हत्या मामले के तथ्यों के आधार पर अदालत ने इसे दुर्लभतम करार देते हुए रवि कपूर व अमित शुक्ला को फांसी की सजा सुनाई है। कोर्ट ने कहा कि एक बेसहारा युवती को बड़ी बेरहमी से मार दिया गया।
ऐसे अपराधियों से नरमी नहीं बरती जानी चाहिए। इन्हें रोकने के लिए कड़ी सजा देना जरूरी है। अतिरिक्त जिला न्यायाधीश संदीप यादव ने अपने फैसले में कहा कि यह हत्या बेहद ठंडे दिमाग से अमानवीय व क्रूर तरीके से की गई।
जिगिषा ने अपने आप को बचाने के लिए दोषियों से उसे न मारने की गुहार लगाई थी। उसने अपना डेबिट व उसका पिन नंबर भी दे दिया लेकिन दोषियों को पीड़िता की निर्मम हत्या करने से ही संतोष हुआ।
रवि कपूर समाज के लिए खतरा
अदालत ने परीवीक्षा अधिकारी की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि रवि कपूर दुर्व्यवहार व जेल नियमों के उल्लंघन में शामिल रहा है और उसके खिलाफ कई शिकायतें हैं।
उसके खिलाफ आठ आपराधिक मामले चल रहे हैं इनमें से दो मामले हत्या के हैं। इसके सुधार की संभावना नहीं है और यह समाज के लिए खतरा पैदा करता रहेगा। इन तथ्यों के आधार पर इसे मौत की सजा दी जानी चाहिए।