जैतपुर इलाके में रविवार तड़के नशे में धुत एक शख्स ने अपने परिवार के सदस्यों पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर आए पड़ोसियों ने मामले की सूचना पुलिस को दी।
मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को सफदरजंग अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने आरोपी की बेटी के बयान पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस के मुताबिक मूलरूप से पश्चिम बंगाल का रहने वाला केनाराम मंडल (38) परिवार के साथ सी-52, एकता विहार, जैतपुर में रहता है।
परिवार में पत्नी शर्मिला मंडल (34), बेटी सुष्मिता (14), बेटा अमित(12) है। केनाराम घर के पास ही मछली बेचता है। उसे शराब पीने की आदत है। वहीं पिछले कुछ समय से उसका काम भी ठीक नहीं चल रहा था।
इसी तो लेकर अक्सर उसका अपनी पत्नी से झगड़ा होता रहता था। बेटी-दामाद के बीच सुलह कराने के लिए पश्चिम बंगाल से अक्सर शर्मिला का पिता रंगलाल आ जाता था। पिछले तीन-चार दिन से रंगलाल दिल्ली आया हुआ था।
इस बीच शनिवार रात को एक बार फिर केनाराम का अपनी पत्नी से झगड़ा हुआ। देर रात तक चले झगड़े के बाद वह घर से चला गया। इस बीच सुबह करीब 4.30 बजे वह अपने घर पहुंचा।
परिवार को खत्म कर खुद भी चाहता था मरना
पुलिस
- फोटो : file photo
पत्नी ने जब दरवाजा नहीं खोला तो आरोपी ने अपनी विक्की(मोपेड) से पेट्रोल निकाल लिया। इस बीच रंगलाल ने अचानक दरवाजा खोल दिया। आरोपी ने अपने परिवार के सदस्यों पर पेट्रोल डाल दिया और आग लगा दी।
वारदात के दौरान सुष्मिता बाल-बाल बच गई, जबकि रंगलाल व शर्मिला, 40 फीसदी, अमित 70 फीसदी और खुद केनाराम 15 फीसदी झुलस गया। सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
परिवार को खत्म कर खुद भी मरना चाहता था
आरोपी केनाराम ने पुलिस को बताया है कि वह अपने पूरे परिवार को खत्म करने के बाद खुद भी मरना चाहता था। लेकिन वह इसमें कामयाब नहीं हो
पाया। दरअसल जब आरोपी परिवार पर पेट्रोल छिड़क रहा था तो सुष्मिता ने चिल्लाकर पड़ोसियों को बुला लिया।
जैसे ही केनाराम ने आग लगाई, पड़ोसी आ गए और उन्होंने केनाराम को पकड़ लिया। इसलिए केनाराम खुद को आग नहीं लगा पाया। हालांकि आग लगाने के दौरान उसकी खुद की टांग और कंधा झुलस गया।
ऊपरी हवा का भी चल रहा था इलाज
केनाराम के एक रिश्तेदार ने बताया कि पिछले काफी समय से केनाराम शराब पीकर अपनी पत्नी के साथ मारपीट करता था। परिवार को लगता था कि
केनाराम पर कोई ऊपरी असर हो गया है। पत्नी कुछ समय पूर्व उसे लेकर बंगाल गई थी। जहां रंगलाल ने किसी तांत्रिक से उसका इलाज कराया था।