सेंटर फॉर साइबर क्राइम इनवेस्टिगेशन (सीसीसीआई) और सेक्टर-58 पुलिस ने खाड़ी देशों में नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
गिरोह वेबसाइट से खाड़ी देशों में नौकरी दिलाने के नाम पर करीब 40 लोगों से 50 लाख की ठगी कर चुका। झुंझनूं राजस्थान निवासी सोमवीर ने सेक्टर-58 थाने में नौकरी के नाम पर ठगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। शिकायत में कहा था कि विदेश में नौकरी की तलाश में उसने जॉब वेबसाइट पर सर्च किया, जिसमें मसकट, दुबई और ओमान आदि खाड़ी देशों में नौकरी की आवश्यकता दी गई थी।
वहां दी ईमेल आईडी पर क्लिक करके उसने डिटेल दी थी। जनवरी में उसके पास कॉल आई और जॉब सर्च करने के बारे में पूछा गया। कॉल करने वाले ने दुबई में नौकरी होने की बात कहकर 3100 रुपये रजिस्ट्रेशन फीस के रूम में जमा कराने को कहा। इस पर उसने एक बैंक अकाउंट में रुपये जमा करा दिए।
साथ ही डॉक्यूमेंट्स उनकी ईमेल पर भेज दिए। लेकिन कुछ दिनों बाद फिर उनकी तरफ से फोन कर डॉक्यूमेंट्स वेरिफिकेशन के नाम पर 12 हजार रुपये मांगे गए। मना करने पर बताया गया कि यह रुपये पहले महीने की सैलरी के साथ रिफंड हो जाएंगे।
इस दौरान उसे अलग-अलग नंबरों से कॉल की गई और तीन अलग-अलग खातों में बहाने बनाकर 65 हजार 600 रुपये डलवा लिए। रुपयों की मांग करने पर मना कर दिया गया। उसे बताया गया कि और रुपये नहीं देने पर विदेश जाना नहीं हो पाएगा।
जांच करने पर पता चला कि एक अकाउंट का पता रसूलपुर नवादा सेक्टर-62 की परचून की दुकान का निकला। इस मामले की जांच सीसीसीआई कर रही थी। जांच के बाद आरोपी सूर्य प्रताप सिंह निवासी औरेया, धर्मवीर सिंह निवासी मैनपुरी और संदीप सिंह निवासी कानपुर देहात को गिरफ्तार कर लिया।
फर्जी तरीके से खुलवाए थे बैंक खाते
आरोपियों के कब्जे से एक कंप्यूटर, एक लैपटॉप, 10 मोबाइल, 8 एटीएम कार्ड, दर्जनों सिम कार्ड और चेक बरामद हुए। गिरोह का सरगना सूर्य प्रताप सिंह है। पूछताछ में उसने बताया कि वह और रोविन शर्मा साथी संदीप सिंह व धर्मवीर के साथ मिलकर धोखाधड़ी कर रहे थे। इसके लिए उन्होंने अलग-अलग चार फर्मों के नाम से फर्जी तरीके से बैंक अकाउंट खुलवाए थे। बेरोजगारों से 50 लाख से ज्यादा की ठगी की गई।