उद्योगपति सुनील मलिक की हत्या के मामले में पुलिस गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर ग्रेटर नोएडा में छापेमारी करने गई। मृतका के चचेरे भाई को रिमांड की अवधि खत्म होने के बाद शनिवार को कोर्ट में पेश करके तीन दिन का और रिमांड लिया। पुलिस आरोपियों को लेकर ग्रेटर नोएडा रवाना हो गई।
बताया जाता है कि तीसरा आरोपी भी भूढ़ कॉलोनी का ही रहने वाला है। उसने मृतक सुनील मलिक की कार को सोहना में ले जाकर आग लगाई थी। बता दें कि सेक्टर 31 निवासी प्राइवेट कंपनी से रिटायर्ड सतवीर सिंह ने थाना सेक्टर-31 पुलिस को दी शिकायत में कहा था कि उसका इकलौता बेटा सुनील मलिक नोएडा के ममूरा गांव में डाइंग प्रिंटिंग यूनिट चलाता था।
उसकी भूढ़ कॉलोनी निवासी पवन अधाना नामक युवक के साथ पार्टनरशिप थी। गत 5 सितंबर की रात सुनील अपने घर से आई-10 कार से सेक्टर-29 मार्केट निकला था। लेकिन वापस घर नहीं लौटा। परिजनों ने जब उसके मोबाइल पर संपर्क किया तो फोन बंद मिला।
बाद में पुलिस को सूचना दी गई थी। पुलिस ने 6 सितंबर को अपहरण का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। 6 सितंबर की सुबह ग्रेटर नोएडा के घोड़ी बछेड़ा गांव के जंगल से सुनील का अधजला शव बरामद किया था। पुलिस ने जांच के दौरान चार दिन पहले पार्टनर पवन व उसके चचेरे भाई योगेंद्र उर्फ सचिन को गिरफ्तार किया था। पुलिस को इनके तीसरे साथी की तलाश है।