मोबाइल और हाईटेक कंप्यूटर (मैकबुक आदि) चोरी के मामलों की जांच के लिए जरूरी सर्विलांस व तकनीकी ज्ञान के अभाव पर कोर्ट ने चिंता जाहिर की है। कोर्ट ने कहा है कि तकनीकी सहायता के अभाव में पुलिसकर्मी चोरी के ऐसे मामलों को सुलझा नहीं पाते।
तीस हजारी स्थित महानगर दंडाधिकारी अभिलाष मल्होत्रा ने कहा कि मैकबुक जैसे हाईटेक इलेक्ट्रॉनिक सामान को सर्विलांस पर लगाने का प्रशिक्षण पुलिसकर्मियों को नहीं दिया गया है। कश्मीरी गेट बस अड्डे पर लगातार चोरियां बढ़ रही हैं और तकनीकी अभाव में जांच अधिकारी इन अज्ञात चोरों को पकड़ने में असमर्थ हैं।
अदालत ने इन तथ्यों के मद्देनजर पुलिस उपायुक्त को इस मामले में विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट 13 दिसंबर तक पेश करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने चोरी के ऐसे मामलों को सुलझाने के लिए पुलिसकर्मियों को दी जाने वाली ट्रेनिंग की जानकारी भी पुलिस उपायुक्त से मांगी है।
कोर्ट ने इस बाबत मई 2016 में कनिष्ठ पुलिसकर्मियों को ऐसी ट्रेनिंग देने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने यह भी पूछा है कि जांच के दौरान तकनीकी पहलुओं की जांच के लिए थाना स्तर पर कोई आईटी जानकार, प्रशिक्षित स्टाफ या विभाग की थाना स्तर पर तैनाती की गई है।
अदालत ने यह निर्देश कश्मीरी गेट बस अड्डे पर बस से मैकबुक, कैमरा, किंडल टैबलेट, स्पीकर व हार्ड डिस्क चोरी के मामले में पुलिस को दिया है। ये सामान एक बैग में थे। पुलिस
ने इस निर्देश की कॉपी पुलिस उपायुक्त, संयुक्त आयुक्त व कश्मीरी गेट एसएचओ को भेजने का निर्देश दिया है।