क्रीम चुराने के बाद रूम पार्टनरों के ताने और प्रताड़ना से आहत होकर आत्महत्या करने वाली गलगोटिया यूनिवर्सिटी की छात्रा ऋतु यादव के मामले में आरोपी चारों छात्राओं को पुलिस ने बुधवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। सभी छात्राएं बीटेक की पढ़ाई कर रही हैं। जेल जाने का आदेश सुनते ही छात्राएं माता-पिता से लिपटकर रोने लगीं।
वर्ल्ड बैंक बर्रा कॉलोनी कानपुर निवासी बिसंभर सिंह यादव की बेटी ऋतु यादव (19) बीटेक फर्स्ट ईयर कंप्यूटर साइंस की छात्रा थी। वह सेक्टर ओमेगा-2 स्थित एनआरआई सिटी सोसायटी डी-704 में किराये पर रहती थी। ऋतु ने रूम पार्टनरों के तानों से आहत होकर 20 अप्रैल की सुबह 6:30 बजे 17वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली थी।
उसने सुइसाइड नोट में मौत का जिम्मेदार रूम पार्टनर ऋचा, विजया, प्रीति और समरा पर लगाया था। उसे प्रीति के ब्वॉयफ्रेंड के सामने बीयर की बोतल से मारने और सेक्स रैकेट चलाने जैसी बातें कहकर बेइज्जत किया था।
गौरतलब है कि रूम पार्टनरों ने जगत फार्म स्थित एक स्टोर से 80 रुपये की क्रीम चुराने का आरोप लगाते हुए ऋतु यादव को खरी-खोटी सुनाई थी। कासना कोतवाली प्रभारी धनंजय मिश्र ने बताया कि मामले की तफ्तीश करते हुए आरोपी लड़कियों को बुधवार को कोर्ट में पेश किया।
चारों लड़कियों की प्रताड़ना के कारण मेरी बेटी ने आत्महत्या की। पुलिस ने उन्हें जेल भेजकर बेटी को न्याय दिलाया। घटना के दौरान मौजूद प्रीति के ब्वॉयफ्रेंड पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।
- बिसंभर सिंह यादव (ऋतु के पिता)