नई आबादी मोहल्ले में मुठभेड़ के दौरान मारे गए जांबाज सब-इंस्पेक्टर अख्तर खान की हत्या के आरोपी तीन दिन बाद भी पुलिस पहुंच से दूर हैं। पुलिस, एसटीएफ और एसओजी की 14 टीमों ने 20 से अधिक ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन कामयाबी नहीं मिल सकी। बदमाशों की लोकेशन गाजियाबाद के लोनी और बागपत जिले में मिली है।
सोमवार को फुरकान के मकान में हिस्ट्रीशीटर जावेद और उसके साथियों से हुई मुठभेड़ में अलीगढ़ निवासी दरोगा अख्तर खान की बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। जावेद समेत सात बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद से पुलिस की 14 टीमें उनकी तलाश में जुटी हैं।
एसटीएफ और एसओजी ने दादरी में डेरा डाल रखा है। हिरासत में लिए लोगों से पूछताछ की जा रही है। इसके बावजूद पुलिस को सफलता नहीं मिल रही। पुलिस जहां भी छापा मारती है वहीं से खाली हाथ लौटती है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि बदमाशों की लोकेशन गाजियाबाद के लोनी और बागपत जिले में मिल रही है। उनकी तलाश के लिए टीमें वहां गई हैं। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र कालरा का कहना है कि पुलिस टीमें बदमाशों की तलाश में है। दो दिन में केस का खुलासा करने का दावा किया जा रहा है।
अख्तर खान के परिजन आज मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के लिए जिलाधिकारी अलीगढ़ को ज्ञापन देकर सीबीआई जांच कराने की मांग करेंगे। अख्तर खान के भाई यामीन का कहना है कि पुलिस मामले को दबाने का प्रयास कर रही है। इस मामले की गहनता से जांच होनी चाहिए। जो साथी अख्तर को छोड़ कर भागे थे उनकी सही तथ्यों की जानकारी करने वाली टीम ईमानदार होनी चाहिए।