बेटे को साथ्ा रखने की चाह में राकेश ने पत्नी उर्मिला (35) की गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात मंगलवार शाम अभयखंड में बीच सड़क अंजाम दी गई। पैसों के विवाद के कारण दंपति अलग रह रहे थे।
राकेश उससे छह वर्षीय बेटे को मांग रहा था, लेकिन वह उसे नहीं दे रही थी। इसी खुन्नस में उसने वारदात की। पहला फायर मिस हुआ, दूसरी बार में गोली लगी।
वारदात के बाद लोगों ने उसे दबोच लिया और पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने उसके पास से हत्या में इस्तेमाल किया गया तमंचा और कारतूस बरामद किए हैं।
पुलिस के मुताबिक, राकेश अमरोहा के मेहंदीपुर का है। खोड़ा के सुभाष पार्क में रहकर मजदूरी करता है। पत्नी उर्मिला कॉलोनी में ही अपने माता-पिता, बेटी काजल (12), खुशी(9) और बेटे लक्ष्य (6) के साथ रहती थी।
इंदिरापुरम की सोसायटी में मेड का काम करती थी। वर्ष 2002 में राकेश और उर्मिला की शादी हुई थी। दो साल पहले रुपयों के विवाद में दोनों बीच झगड़ा बढ़ गया, तब से दोनों ने अलग-अलग रह रहे थे।
पुलिस ने बताया कि राकेश लगातार उर्मिला से मांग कर रहा था कि बेटे लक्ष्य को उसे सौंप दे, मगर उर्मिला उसके छोटा होने की बात कहकर उसे मना कर रही थी।
पुलिस की मानें तो मंगलवार को राकेश सोचकर आया था कि अगर उर्मिला ने बेटा नहीं दिया तो वह उसे गोली मार देगा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शाम करीब पांच बजे उर्मिला फ्लैटों में काम करके लौट रही थी।
अभय खंड स्थित गौड़ ग्रीन एवेन्यू सोसायटी के सामने राकेश ने उर्मिला को रोक लिया। उसने उर्मिला से फिर से बेटा देने की मांग की। उर्मिला ने इंकार किया तो राकेश ने तमंचा निकालकर उसके पेट में गोली मार दी और भाग गया।
लोगों ने उसे दबोच लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लहूलुहान अवस्था में उर्मिला को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस पूछताछ में राकेश ने बताया कि 20 साल पहले उसने अपने गांव की जमीन ढाई लाख रुपये में बेची थी। उर्मिला ने सारे रुपये अपने मायके वालों को दे दिए।
वह बेटे को साथ रखना चाहता था, लेकिन पत्नी लक्ष्य को उसे नहीं सौंप रही थी। वहीं, उर्मिला के पिता चरण सिंह ने बताया कि लक्ष्य को नहीं पता कि उसकी मां इस दुनिया में नहीं रही।
दोस्त से झगड़ा हुआ तो खरीदा तमंचा
पुलिस के अनुसार, करीब एक साल पहले राकेश का कॉलोनी के ही एक दोस्त से झगड़ा हुआ था। इसके बाद उसने पांच हजार रुपये में कॉलोनी के ही एक युवक से तमंचा खरीदा था। झगड़े के बाद से वह तमंचा हमेशा साथ रखता था।