उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस की मुस्तैदी की वजह से चार माह की मासूम की जिंदगी बच गई। दरअसल, रुपयों के लालच में सगे मामा ने ही अपनी मासूम भांजी को खजूरी खास से अगवा कर एक तांत्रिक को बेच दिया।
तांत्रिक ने श्मशान घाट में बलि की सारी तैयारी भी कर ली लेकिन ठीक समय पर पुलिस वहां पहुंच गई और मासूम को सकुशल छुड़ाकर आरोपियों को दबोच लिया। आरोपियों की पहचान मामा आसिफ कासिम विहार और लोनी निवासी तांत्रिक मोहम्मद इलियास उर्फ सूफी व उसके चेला, बहादुरगढ़, देहरा-कुट्टी, हापुड़ निवासी दिलशाद के रूप में हुई है।
उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त डॉ. अजीत कुमार सिंगला ने बताया कि शुक्रवार शाम को पुराना मुस्तफाबाद निवासी शान मोहम्मद ने अपनी चार माह की बच्ची के अगवा होने की सूचना खजूरी खास पुलिस को दी थी।
आरोपी बच्ची की बलि देने की तैयारी कर रहे थे
पीड़ित ने बताया कि उसका साला आसिफ बच्ची को अगवा कर ले गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी। टेक्निकल सर्विलांस के आधार पर पुलिस ने आरोपी आसिफ को इलाके से दबोच लिया।
आसिफ ने बताया कि उसने 40 हजार रुपये लेकर लोनी निवासी इलियास को बेच दिया है। आसिफ को साथ लेकर पुलिस ने फौरन लोनी के कासिमपुरा में छापा मारा।
वहां श्मशान घाट से पुलिस ने इलियास व उसके चेले दिलशाद को दबोच लिया। दोनों आरोपी बच्ची की बलि देने की तैयारी कर रहे थे।
बच्ची की बलि देकर सिद्धि प्राप्त करना चाहता था
- फोटो : प्रतीकात्मक चित्र
पुलिस उपायुक्त के मुताबिक सारी कार्रवाई को पुलिस टीम ने सिर्फ छह घंटे में पूरा कर लिया और मासूम की जिंदगी बचा ली। इलियास ने पुलिस को बताया कि वह पिछले पांच-छह सालों से तांत्रिक क्रिया कर रहा है।
अब वह बच्ची की बलि देकर सिद्धि प्राप्त करना चाहता था। इसके लिए उसने आसिफ को चालीस हजार रुपये देकर एक बच्चे का इंतजाम करने के लिए कहा।
आसिफ ने अपनी ही भांजी का अपहरण कर उसे बेच दिया। पुलिस तीनों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।