शहर के सट्टेबाज पुलिस की पकड़ से बचने के लिए स्मार्ट हो चुके हैं। खाता-बही और फोन कॉल के जरिये कारोबार चलाना बंद कर अब स्मार्टफोन पर ही बोलियां लगाई जाती हैं।
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इसके लिए ऑनलाइन मैसेजिंग, वीडियो मैसेजिंग एप्लीकेशन (ऐप) का इस्तेमाल किया जा रहा है। इंटरनेट के जरिये सूचना का आदान-प्रदान करने वाले इन ऐप पर नजर रखने का तरीका फिलहाल पुलिस के पास नहीं है। शहर में रोजाना 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक का सट्टा कारोबार चल रहा है।
हाईस्पीड (3जी, 4जी) इंटरनेट युक्त स्मार्टफोन में आजकल वाट्सऐप, लाइन, ईमो, टेलीग्राम आदि कई मैसेजिंग और वीडियो कॉलिंग एप उपलब्ध हैं। सट्टेबाज इन ऐप के जरिये राह चलते बुकी और पंटर से संपर्क में रहते हैं और दांव लगाते हैं।
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वीडियो कॉलिंग एप के जरिए लगता है दांव
सट्टेबाजी कारोबार से जुड़े सूत्र ने बताया कि अब किसी मैच में बॉल दर बॉल सट्टा लगाने के लिए टीवी के सामने बैठना भी जरूरी नहीं है। स्मार्टफोन में कई ऐसे ऐप हैं जो लाइव स्कोर दिखाते रहते हैं।
हाल ही में एक ऐप आया है जिसमें लाइव मैच ऑनलाइन भी देखा जा सकता है। खिलाड़ी इस पर मैच देखते हैं और बॉल दर बॉल मैसेजिंग एप या फिर वीडियो कॉलिंग ऐप के जरिये पंटर को अपना दांव नोट कराते हैं।
ऑनलाइन खेले जा रहे इस सट्टा कारोबार तक पहुंचना पुलि के लिए बहुत मुश्किल है। वजह यह कि यह मैसेजिंग एप इनक्रिप्टेड मैसेज (जिन्हें बीच में देखा, पढ़ा या खोला नहीं जा सकता ) भेजते हैं। यानी एंड टू एंड इनक्रिप्शन तकनीकी से युक्त यह मैसेज और कॉल पुलिस या कोई तीसरी पार्टी द्वारा नहीं पकड़ी जा सकतीं।
बेइमानी के खेल में ईमानदारी से पहुंचती है रकम
सट्टेबाजों ने अब टीवी, कॉपी और मोबाइल फोन हटा दिए हैं। सर्विलांस तकनीकी की वजह से पुलिस सट्टेबाजों की कॉल और लोकेशन ट्रेस कर उन्हें धर दबोचती थी। कॉपी में लिखे गए नंबर और साथ में कई मोबाइल फोन, टीवी पुलिस सुबूत के तौर पर कब्जे में लेती थी। स्मार्टफोन आने से सट्टेबाजों की यह कवायद भी खत्म हो गई है।
मैसेजिंग साइट पर आईपीएल टीमों के कप जीतने के भाव लग चुके हैं। कम से कम एक हजार रुपये का सट्टा लगाया जा सकता है। जीतने पर भाव के आधार पर धन मिलता है।
बेईमानी के इस खेल में धन का लेनदेन पूरी ईमानदारी से होता है। बोली लगाने वाले (पंटर) को हारने पर धन देना होता है और जीतने पर उसका हिस्सा ईमानदारी से पहुंच जाता है । पंटर के बीच धन का यह आदान प्रदान बुकी करता है।
पंजाब किंग्स सबसे महंगी रायल चैलेंजर्स सस्ती
- फोटो : BBC
आईपीएल में भले ही टीमों के नाम बदल चुके हों लेकिन बुकी इन्हें पुराने नाम से ही इंगित करते हैं। रोजाना होने वाली हार-जीत के आधार पर फाइनल जीतने वाली टीम के रेट निकाले जाते हैं।
इसके कप रेट बोला जाता है। रविवार को आए कप रेट में रायल चैलेंजर्स के रेट 2.60 हैं। यानी दस हजार लगाने वाले को इस टीम की जीत पर मात्र 2600 रुपये मिलेंगे।
जबकि पंजाब किंग्स इलेवन, दिल्ली डेयरडेविल्स और हैदराबाद के सबसे ज्यादा 15 रुपये रेट लगाए गए हैं। यानि इनमें से किसी टीम के फाइनल जीतने पर दस हजार के बदले 15 हजार रुपये मिलेंगे। मालूम हो कि यह कप रेट भी रोजाना होने वाले मैच के आधार पर बदलते रहते हैं।
रविवार को रॉयल चैलेंजर्स का दिल्ली डेयरडेविल्स से और किंग्स 11 पंजाब का राइजिंग पुणे से मैच होना है। रविवार भाव पुणे 77-80 रखा गया है। एक पंटर के मुताबिक यदि पुणे जीतती है तो 10 हजार लगाने वाले को मात्र 7700 रुपये मिलेंगे।
इसके उलट पंजाब जीतेगी तो 8 हजार लगाने वाले को 10 हजार रुपये मिलेंगे। इसी तरह बंगलूरू और दिल्ली के मैच का भाव 43-45 रखा गया है। यानी अगर बंगलूरू जीतती है तो दस हजार के बदले मात्र 4300 रुपये मिलेंगे। दिल्ली जीतती है तो 4500 रुपये के बदले 10 हजार रुपये मिलेंगे।
नवंबर 2014 में पुलिस ने शहर में ऑनलाइन कसीनो संचालक अशोक अरोड़ा को गिरफ्तार किया था। संचालक के पकड़े जाने के बाद गेमकिंग इंडिया और प्लैनेट जी ऑनलाइन के नाम से चलने वाला यह ऑनलाइन सट्टा कारोबार भी बंद हो गया था। अब यह वेबसाइट फिर से चालू है और शहर के कई सफेद कॉलर वाले लोग इस धंधे को चला रहे हैं।
पुलिस आयुक्त हनीफ कुरैशी कहते हैं कि स्मार्टफोन पर चल रही सट्टेबाजी पर महकमे की नजर है। एनक्रिप्टेड मैसेज पढ़ने के लिए पुलिस विभाग के पास आधुनिक तकनीकी मौजूद है। सट्टेबाजों पर खुफिया तरीके से भी नजर रखी जा रही है। जल्द ही सट्टा कारोबार चलाने वालों को पकड़ा जाएगा।